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Sonipat News: बारिश ने थामी धान खरीद की रफ्तार, आवक आधी और भाव भी गिरे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। खरीफ खरीद सीजन की शुरुआत के बीच बिगड़े मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार के बाद सोमवार को भी सुबह से शाम पांच बजे तक रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी व हल्की बारिश से धान की कटाई और मंडियों में फसल की आवक दोनों प्रभावित हुईं हैं।
सोनीपत अनाज मंडी में जहां कई दिन रोजाना करीब 20 हजार क्विंटल धान पहुंच रहा था, वहीं सोमवार को आवक घटकर करीब 10 हजार क्विंटल रह गई। बारिश से धान में नमी बढ़ने के कारण दाम भी नीचे आ गए। किसानों को फसल बेचने के साथ उसे सुरक्षित रखने की चुनौती भी झेलनी पड़ी।
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जिले की मंडियों में सितंबर के दूसरे सप्ताह से धान की आवक शुरू हो गई थी। सोनीपत अनाज मंडी में जिले के अलावा उत्तर प्रदेश से भी किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं। अब तक जिले की मंडियों में तीन लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है। सोमवार को मौसम खराब होने के कारण कटाई का काम ठप रहा।
मशीनों से कटाई कराने वाले किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। खेतों में नमी बढ़ने से मशीनें भी काम नहीं कर सकीं। हाथ से कटाई का काम भी प्रभावित रहा। किसानों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद ही कटाई दोबारा गति पकड़ पाएगी।
3500 से 4000 रुपये तक पहुंचा भाव
सोनीपत मंडी में 1509 किस्म का धान प्रमुख रूप से पहुंच रहा है। सोमवार को बूंदाबांदी के बीच धान की कीमत करीब 3500 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल रही। आढ़तियों के अनुसार बारिश से पहले यही भाव करीब 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। नमी बढ़ने से खरीदारों ने कम भाव पर धान खरीदा। कई किसानों का धान मंडी में पड़ा रहा और बिक्री नहीं हो सकी। ।
उठान भी हुआ प्रभावित
बारिश का असर धान के उठान पर भी पड़ा। मजदूरों ने शेड के नीचे रखे धान को बोरियों में भर दिया लेकिन बूंदाबांदी के कारण सोमवार को उठान लगभग ठप रहा। इससे शेड के नीचे जगह और कम हो गई। जिले में इस बार 2.60 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में धान की खेती हुई है। करीब 1400 एकड़ में कपास भी बोई गई है। कपास की फसल अब तैयार है। किसानों ने बाजरे की कटाई भी शुरू कर दी थी लेकिन बारिश के कारण यह काम भी रुक गया है। ऐसे में लगातार खराब मौसम से कई फसलों पर असर पड़ने की आशंका है।
30 सितंबर तक बूंदाबांदी के आसार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. प्रेमदीप ने कहा कि 30 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा-एनसीआर समेत पंजाब, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में भी मौसम प्रभावित हुआ है।
जिले में कहां कितनी बारिश
सोमवार को बारिश के आंकड़ों में राई में सबसे अधिक 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गन्नौर में 9, सोनीपत में 8, खानपुर कलां में 7, गोहाना में 6 और खरखौदा में 1 मिलीमीटर बारिश हुई।
शहर व हाईवे पर जलभराव से भी परेशानी
लगातार बूंदाबांदी व हल्की बारिश से शहर व एनएच-44 पर जलभराव हो गया। औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो होने से दूषित पानी सड़कों के किनारे जमा रहा। सूरी पेट्रोल पंप वाली गली और कई कॉलोनियों में भी पानी भर गया। इससे वाहन चालकों, खासकर दोपहिया वाहन सवारों को परेशानी हुई और कुछ स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। बहालगढ़ रोड व एनएच-44 पर कई स्थानों पर पानी भर गया।
खरखौदा में भी बढ़ी परेशानी
खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल के साथ-साथ मंडी में पहुंच चुकी उपज को भी बारिश से बचाने की चुनौती बनी हुई है। अब तक मंडी में 54 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। बाजार समिति सचिव सिकंदर सांगवान ने किसानों से अपील की कि वे धान को पूरी तरह सुखाने के बाद ही मंडी में लेकर आएं।
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बूंदाबांदी व हल्की बारिश से धान की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। मंडी में आए धान को भीगने से बचाना जरूरी है। धान की फसल भीग गई तो उसे सुखाकर ही उसका भंडारण करें।
डॉ. देवेंद्र कुहाड़, कृषि विशेषज्ञ
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