सोनीपत। गन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के साथ बन रही अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं बागवानी मार्केट का निर्माण कार्य अब एक वर्ष की देरी से पूरा होगा। बारिश और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) नियमों से निर्माण कार्यों में रुकावट पैदा हुई है। ऐसे में हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने समयसीमा को बढ़ाकर मई 2025 से मई 2026 कर दिया है। अभी मंडी का सिर्फ 40 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। काम में देरी की वजह से कंपनी पर 0.5 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया जा चुका है। अब तय समय में काम पूरा करने की चेतावनी दी गई है।
2014 में कांग्रेस सरकार के समय इस मंडी का शिलान्यास हुआ था, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया था। तब इसकी लागत 1500 करोड़ रुपये तय की गई थी। इसके बाद हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से वर्ष 2022 में मार्केट विकसित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया। इसमें महज एक ही कंपनी ने 2450 करोड़ रुपये का टेंडर भरा था। तय राशि से 450 करोड़ रुपये ज्यादा होने के कारण टेंडर आवंटित नहीं किया जा सका था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तब अधिकारियों को दोबारा टेंडर लगाने के लिए कहा था। महंगाई के बीच निर्माण की लागत ज्यादा होने की वजह से 2600 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ था यानी 2014 से 1100 करोड़ रुपये ज्यादा।
हैदराबाद की कंपनी कर रही है निर्माण
मार्केट का टेंडर हैदराबाद की नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था, जिसने मई, 2023 में निर्माण कार्य शुरू किया। यह काम मई, 2025 में पूरा किया जाना था, लेकिन दो वर्ष में कभी बारिश तो कभी ग्रैप नियम निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हैं। इससे निर्माण पूरा करने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में मार्केट को तैयार करने का समय एक साल और बढ़ा दिया गया है। मई 2026 तक मार्केट विकसित करने के बाद इसे आम जनता के लिए चालू किया जाएगा।
14 राज्यों से पहुंचेगा माल, किसान होंगे मालामाल
537 एकड़ में विकसित की जा रही अंतरराष्ट्रीय फल-फूल एवं बागवानी मार्केट एशिया की सबसे बड़ी मंडी होगी। इस मार्केट में देशभर के 14 राज्यों से माल पहुंचेगा, जिससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। मार्केट परिसर में पानी निकासी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कूड़ा प्रबंधन के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्ल्यूएमपी) व पेयजल की सुविधा के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाए जा रहे हैं। मार्केट परिसर में 17 शेड बनाए जाएंगे, इनमें पूरी तरह वातानुकूलित फूल मार्केट व मत्स्य मार्केट बनाई जाएगी। वाहनों के लिए पार्किंग व वर्कशॉप बनाई जानी है।
अंतरराष्ट्रीय फल-फूल व बागवानी मार्केट का निर्माण पूरा करने के लिए एक साल का समय और बढ़ाया गया है। 40 फीसदी निर्माण हो चुका है। इस कार्य को दो साल में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण में बारिश व ग्रैप नियम बाधा बन रहे हैं। कंपनी पर काम में देरी की वजह से जुर्माना भी लगाया गया है। अब कंपनी को मई 2026 तक निर्माण पूरा करने के लिए कहा गया है।
- राजेश कक्कड़, अधीक्षक अभियंता, हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड