सोनीपत। सेक्टर-10 स्थित रेल हाईराइजर सोसाइटी के निवासियों ने भवन के संरचनात्मक अंकेक्षण (स्ट्रक्चरल ऑडिट) पर फिर सवाल उठाए हैं। यहां के निवासियों ने जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अंकेक्षण (ऑडिट) करने वाली कंपनी उन पिलरों के नमूने ले रहे हैं, जो मजबूत हैं। जबकि कमजोर व जर्जर पिलरों को छोड़ा जा रहा है। ऐसे में डीटीपी ने सरकारी इंजीनियरों की निगरानी में अंकेक्षण करवाने को निर्णय लिया है।
सेक्टर-10 में वर्ष 2014 में रेल हाईराइजर सोसाइटी बसाई गई थी, जो 10 वर्ष में ही जर्जर हो गई है। कई बार लेंटर व मलबा गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। 13 मंजिला टावर में कई जगह दरारें आ चुकी हैं, सरिये दिखाई दे रहे हैं। जिससे यहां के निवासी सदमे में हैं। नवंबर-2024 में सोसाइटी के जर्जर टावरों का संरचनात्मक अंकेक्षण शुरू हो गया था। भारतीय रेल कल्याण संगठन ने एक निजी कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा है। टीम सोसाइटी में अंकेक्षण कर रही है। आरोप है कि कंपनी के इंजीनियरों ने भवन के पिलर व अन्य संरचनात्मक हिस्सों में ऐसे 64 स्थान चिह्नित कर नमूने लिए हैं, जो मजबूत स्थिति में हैं। जबकि कमजोर पिलरों को छोड़ दिया गया है। ऐसे में निवासियों ने अंकेक्षण निष्पक्ष तरीके से पूरा करने की मांग की है।
रेल हाईराइज सोसाइटी के भवनों का संरचनात्मक अंकेक्षण चल रहा है। सोसाइटी निवासियों ने कंपनी के इंजीनियरों पर अंकेक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। अब सरकारी इंजीनियरों की निगरानी में अंकेक्षण किया जाएगा।
- अजमेर सिंह, जिला नगर योजनाकार, सोनीपत