गोहाना। हेड कांस्टेबल प्रमोद के हत्यारोपियों की तलाश में बरोदा थाना पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। मामले में एसटीएफ सोनीपत व रोहतक की टीम ने मुठभेड़ के बाद झज्जर के गांव खुंगाई निवासी संदीप को गिरफ्तार किया था। इसके पैर में गोली लगने के चलते खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे छुट्टी मिलने के बाद अदालत में पेश किया, उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में दो अन्य आरोपी दिल्ली व रोहतक के रहने वाले हैं।
रोहतक के गांव जसिया निवासी प्रमोद (35) मोहाना थाना में बतौर हेड कांस्टेबल नियुक्त थे। वह सोमवार रात को 11 बजे अपनी कार में सवार होकर मोहाना थाने से घर के लिए निकले थे। बाद में साढ़े 12 बजे प्रमोद का शव गोहाना-रोहतक रोड स्थित गांव रूखी में एक दुकान के पास मिला था। उनकी सीने में गोली मारकर हत्या की थी। घटनास्थल से उनकी कार व मोबाइल गायब मिला था। मामले में एसटीएफ को पता लगा था कि हत्या का एक आरोपी गोहाना में ड्रेन नंबर-8 के पास आने वाला है। जिस पर सोनीपत एसटीएफ प्रभारी योगेंद्र व रोहतक एसटीएफ प्रभारी नरेंद्र पाल की टीमों ने आरोपी संदीप को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। पैर में गोली लगने से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब छुट्टी मिलने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने कार लूट के लिए दो साथियों संग मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की थी। दो अन्य की पहचान दिल्ली के सुल्तान पुरी निवासी अरुण उर्फ सोरा व रोहतक के डेरा मोहल्ला निवासी अनमोल के रूप में हुई है।
वर्जन
हत्या और लूटपाट में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान होने के बाद तलाश तेज कर दी है। चार टीमें लगी हुई हैं। दोनों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
इंस्पेक्टर रमेश चंद्र, थाना प्रभारी बरोदा