अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र पाल गोयल की अदालत ने पड़ोसी पिता-पुत्र पर हमला करने के मामले में दो भाइयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने एक दोषी को गैर इरादतन हत्या में सात साल व दूसरे को मारपीट करने के मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई है।
गांव हरसाना कलां में गली में खेल रहे दो परिवारों के बच्चों का झगड़ा हो गया था। इसी बात लेकर दोनों परिवारों में तनातनी हो गई थी। एक पक्ष के मनोज कुमार ने सदर थाना पुलिस को बताया था कि बच्चों के झगड़े को लेकर 28 दिसंबर 2017 की देर शाम जोगेंद्र व उसके भाई श्रीभगवान ने परिवार के सदस्यों व अन्य के साथ मिलकर उन पर तेजधार हथियारों व लाठी से हमला कर दिया था। इस हमले में मनोज के पिता रणबीर (65) की लाठी लगने से मौत हो गई थी, जबकि मनोज और बचाव को आया राकेश तेजधार हथियार लगने से घायल हो गए थे। पुलिस ने मनोज के बयान पर 29 दिसंबर 2017 को जोगेंद्र, उसके भाई श्रीभगवान समेत 10 लोगों पर हत्या व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर लिया था।
एएसजे राजेंद्र पाल गोयल की अदालत ने जोगेंद्र को गैर इरादतन हत्या और श्रीभगवान को हमला करने का दोषी करार दिया। जोगेंद्र को भादसं की धारा 304 में सात साल की कैद व 35 सौ रुपये जुर्माना और धारा 452 में दो साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं श्रीभगवान को भादसं की धारा 326 में पांच साल कैद, 25 सौ रुपये जुर्माना, धारा 452 में दो साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना व 323 में तीन माह कैद व 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।