गोहाना। केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए चार श्रम कानून के विरोध में मजदूर अधिकार संघर्ष ने गोहाना में प्रदर्शन किया। जनसंघर्ष मंच हरियाणा, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन और मनरेगा मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में प्रदर्शनकारी पुराना बस स्टैंड, भगत सिंह चौक, महावीर चौक से होते हुए समता चौक पर पहुंचे।
उन्होंने श्रम संहिताओं में मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता व कार्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता की प्रतियां जलाईं। जन संघर्ष मंच हरियाणा के मुख्य सलाहकार डाॅ. सीडी शर्मा ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में इन श्रम संहिताओं को संसद में बिना किसी बहस के पास किया।
प्रमुख मजदूर संगठनों और विपक्ष की पार्टियों से सलाह किए बिना 21 नवंबर से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। मंच के राज्य सचिव रघबीर विरोधिया ने कहा कि इन श्रम कानून के लागू होने से पुराने 29 श्रम अधिकार निरस्त कर दिए गए।
इन अधिकारों को प्राप्त करने के लिए मजदूरों ने कई बलिदान दिए थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार इन श्रम संहिताओं को तुरंत प्रभाव से रद्द करे। त्रिपार्टी सम्मेलन बुलाकर मजदूरों के हक में कानून बनाए। इस दौरान सूरजभान चहल, रोहतास, जगमहेंद्र, मदन अत्री, सुरेंद्र, सोनू खेड़ा, जोगिंद्र, कपिल, कर्मबीर, संदीप भी मौजूद रहे।