सोनीपत। ऑनलाइन ठगी के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आरोपी उत्तर प्रदेश के जिला गोरखपुर के गांव भिलौरा बुजुर्ग निवासी अभिषेक सिंह को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना ने शादी के लिए 10 दिन के लिए अंतरिम जमानत दी है।
सुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि आरोपी की शादी उसकी गिरफ्तारी से पहले तय थी। मुकदमे में वह सह आरोपी है। चार महीने से जेल में बंद आरोपी अभिषेक को साइबर थाना पुलिस ने उसके साथियों के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था।
तब से आरोपी जेल में है। अपने अधिवक्ता के माध्यम उसने अपनी शादी के लिए अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी की मामले में सीधी भूमिका नहीं है। वह सह आरोपी है।
29 नवंबर को महापुर, पोस्ट कोडई, सेजंवा, गोरखपुर में उसकी शादी संपन्न होनी है। गिरफ्तारी के पहले ही उसकी शादी तय थी। निचली अदालत ने मुख्य रूप से अपराध की गंभीरता और दंड की गंभीरता को देखते हुए और आरोपी के न्याय से भागने की संभावनाओं को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अंतरिम जमानत के लिए दी गई याचिका में तर्क दिया गया कि किसी व्यक्ति के जीवनकाल में विवाह एक महत्वपूर्ण अध्याय होता है। फरार होने की आशंका की शर्तें लगाकर पूरा किया जा सकता है। बचाव पक्ष एवं शासकीय अधिवक्ता की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अभिषेक सिंह की शादी के लिए अंतरिम जमानत मंजूर करने का आदेश दिया है।
आरोपी को एक लाख व्यक्तिगत बांड और उतनी ही राशि के जमानती को पेश करने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी गई है। दस दिन में विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद 5 दिसंबर को दोपहर 2 बजे निचली अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।