कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हुए किसान।
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कृषि कानून रद्द कराने की मांग के लिए दिल्ली-हरियाणा के बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने कोरोना जांच करवाने से इनकार कर दिया है। हालांकि किसान वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने सभी किसानों से इसके लिए अपील की और सरकार से धरनास्थलों पर वैक्सीनेशन शिविर लगाने के लिए कहा है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार उनको कोरोना का डर दिखाकर उठाना चाहती है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। हालांकि वह कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करेंगे और वैक्सीन भी लगवाएंगे।
इससे पहले गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने हरियाणा की सीमा पर बैठे किसानों के साथ बैठक की। इसमें उन्हें कोविड की जांच और वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी दी गई। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि धरने पर बैठै किसानों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। आंदोलन अपनी जगह है और सुरक्षा अपनी जगह है। सरकार की तरफ से डीसी व एसपी उनसे मिलने गए थे, लेकिन बात नहीं हो पाई। फिर से अधिकारी किसान नेताओं से मिलेंगे और बात करेंगे कि किसानों को वैक्सीन भी लग सके और उनका कोरोना टेस्ट भी हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि बहुत संख्या में लोग कोरोना के लक्षण आने के बावजूद जांच न करवाकर इधर-उधर से दवा लेकर खा रहे हैं। इस कारण संक्रमण ज्यादा फैल रहा है। सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि जिसको भी कोरोना के लक्षण हैं, अगर वह किसी प्राइवेट डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर इलाज करने से पहले उसकी कोरोना जांच करवाएं। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही इलाज करें। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो मरीज को कोरोना अस्पताल भेजें।