बीसवां मील स्थित मोतीलाल खेलकूद विद्यालय में उजागर हुए वर्दी व जूते खरीद घोटाले की अभी सही ढंग से जांच भी शुरू नहीं हुई थी कि मामले की जांच कर रही अकाउंट ऑफिसर एवं प्रशासनिक अधिकारी नीलम कौशिक का तबादला खानपुर मेडिकल कालेज कर दिया गया। तबादले के विरोध में सोमवार सुबह सातवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी कक्षाएं छोड़कर सड़कों पर उतर गए और तबादला रद्द करने की मांग की। बाद में निदेशक के आश्वासन पर छात्र मान गए और उनके कहने पर ही छात्रों ने खाना खाया।
तीन दिन पहले स्कूल प्राचार्य एवं निदेशक भारती अरोड़ा ने स्कूल में जांच की तो स्टोर में काफी मात्रा में छात्रों की वर्दी, जूते व जुराबें मिलीं। इतनी मात्रा में वर्दी व जूते व जुराब कब व क्यों खरीदे गए, इसकी जांच भारती अरोड़ा ने स्कूल की अकाउंट आफिसर एवं प्रशासनिक अधिकारी नीलम कौशिक को सौंपी थी। सोमवार सुबह जब स्कूल छात्रों को अधिकारी के तबादले की सूचना मिली तो वे कक्षाएं छोड़कर बाहर आ गए और तबादला रद्द करने की मांग की। प्राचार्य भारती अरोड़ा के विद्यालय में न होने के कारण अन्य अध्यापकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। उन्होंने आनन-फानन में प्राचार्य और निदेशक भारती अरोड़ा को सूचित किया।
प्राचार्य भारती अरोड़ा विद्यालय में पहुंची और छात्रों को शांत करने के बाद उन्हें आडिटोरियम पहुंचने को कहा। छात्र तुरंत आडिटोरियम पहुंच गए, जहां प्राचार्य ने उनसे काउंसलिंग की और लगभग एक घंटे तक बातचीत की। एक-एक छात्र से इस प्रकरण पर बात की। बताया गया कि अरोड़ा ने छात्रों को समझाया कि तबादला करना और नहीं करना सरकार के हाथ में है। उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा। छात्रों ने प्राचार्या को बताया कि नीलम कौशिक उनकी हर समस्या का समय रहते समाधान कर देती थीं। बेवजह उनका तबादला होने से छात्रों को परेशानी होगी।
छात्रों ने प्रशासनिक अधिकारी नीलम कौशिक के तबादले को रद्द करने की मांग की है। सरकार तक उनकी मांग को पहुंचा दिया जाएगा। साथ ही स्कूल में छात्रों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसी अधिकारी या शिक्षक का तबादला करना या नहीं करना सरकार का अधिकार है।
भारती अरोड़ा, स्कूल निदेशक एवं प्राचार्या
मंत्री के दबाव में तबादले की चर्चा
राई स्पोर्ट्स स्कूल में पहली बार छात्र कक्षाएं छोड़कर बाहर आए हैं। चर्चा है कि लगातार हो ही गड़बड़ियों की जांच को प्रभावित करने के लिए मंत्री से जांच अधिकारी का तबादला करने की मांग की गई। मंत्री के दबाव के बाद कौशिक का तबादला हुआ है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है।