संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ और पुरानी पेंशन के लिए 5 फरवरी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा। इसको लेकर बुधवार को संघ की टीम बड़वासनी, किलोहडद, ठरू, शहजादपुर आदि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंची।
संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र चहल, जिला सचिव दिनेश छिक्कारा, जिला कार्यालय सचिव रोहताश चहल ने अध्यापकों से प्रदर्शन में भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त उच्च प्राथमिक कक्षाओं तक पढ़ने वाले अध्यापकों के संबंध में सरकार की गलत पैरवी के कारण सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से दिए गए निर्णय के अनुसार टीईटी पास करना जरूर कर दिया। इसके चलते लाखों अध्यापकों की नौकरियां समाप्त होने जा रही हैं।
उन्होंने का कि इस अन्याय को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर पीएफआरडीए बिल में बदलाव करे। सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ सुनिश्चित करे।
इसी के लिए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ और स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की पहल पर विभिन्न संगठनों की साझा संघर्ष समिति ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई अहम मांगें सरकार पूरी नहीं कर रही।
संगठन की प्रमुख मांगें
1. पुरानी पेंशन बहाल की जाए
2. अध्यापकों पर अनावश्यक टीईटी की शर्त को वापस लिया जाए
3. विद्यालयों के विलय एवं बंद करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए
4. शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए
5. संविदा कर्मचारियों को नियमित कर न्यूनतम वेतन लागू किया जाए
6. 8वें वेतन आयोग को समयबद्ध रूप से लागू किया जाए