संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। दवा की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में दवा विक्रेताओं ने बुधवार को सांकेतिक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर मंगलवार को खरखौदा दवा विक्रेता एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन माध्यम से दवा की बिक्री का विरोध किया।
खरखौदा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए कई नियम और बंदिशें लगा रखी हैं। बिना डाॅक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित दवाएं बेचने पर कार्रवाई का प्रावधान है जबकि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कई प्रकार की प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां आसानी से उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां तक की गर्भपात की दवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती है। इससे लिंगानुपात तक गड़बड़ा रहा है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी के विरोध में बुधवार को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी।
इस दौरान ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर मेडिकल स्टोर बंद रखकर सरकार के खिलाफ रोष जताया जाएगा। दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।
उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवाओं की बिक्री बंद करते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर प्रधान प्रदीप मलिक, कंवल राज दुआ, अतुल, हरबीर दहिया, भारत भूषण व पीयूष मिगलानी भी मौजूद रहे।