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मूलभूत सुविधा न मिलने से खफा भावी अधिवक्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल

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डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे भावी अधिवक्ता न - फोटो : Sonipat
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राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं न मिलने का आरोप लगा भावी अधिवक्ताओं ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। विश्वविद्यालय परिसर में शुरू की गई हड़ताल को आगाज नाम देते हुए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि यह तो सिर्फ आगाज है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। भावी अधिवक्ताओं ने कहा कि वह विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने नहीं केवल विवि के कुलाधिपति एवं राज्यपाल के सामने अपनी मांगे रखेंगे।
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हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। वर्ष 2019 में जब विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, तब से ही उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। चार वर्ष बीतने व तीन नए बैच आने के बावजूद समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है। विद्यार्थियों ने शुरुआती दिनों से लेकर अभी तक कई बार विश्वविद्यालय प्रबंधन को अवगत कराया, लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कदम नहीं बढ़ाया गया। विद्यार्थियों ने कहा कि हजारों की भीड़ में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा क्लेट उत्तीर्ण कर वह यहां तक पहुंचे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। कुछ विद्यार्थियों ने कहा कि उनका चौथा वर्ष आ चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें प्लेसमेंट नहीं मिली है।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि जब अपनी मांगों को लेकर उन्होंने रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव किया, तब विद्यार्थियों के साथ धक्कामुक्की करने का प्रयास किया गया। जिसके बाद बीए एलएलबी ऑनर्स के चारों बैच के विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का आगाज किया। विद्यार्थियों ने मांग की है कि कुलाधिपति उनके बीच आएं और मांगों को सुनें। जब तक मांगे पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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विद्यार्थियों ने बताई ये समस्याएं
विधि विश्वविद्यालय में स्थायी संकाय (परमानेंट फैकल्टी) नहीं है, नौसिखिए पढ़ा रहे कानून का पाठ
दो कक्षाओं को छोड़ किसी भी कक्षा में एसी नहीं है। स्मार्ट क्लास की भी कोई सुविधा नहीं है।
पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। एक साथ महज 30 विद्यार्थी ही बैठ सकते हैं, जबकि विश्वविद्यालय में विद्यार्थी संख्या 480 है।
पुस्तकालय में सेमेस्टर की पुस्तकें तक उपलब्ध नहीं होती
विश्वविद्यालय में घोषणा के बाद भी आज तक वाई-फाई की सुविधा नहीं दी गई, नेटवर्क भी बेहद कम आते हैं।
जिम की फीस ली जा रही है, लेकिन आज तक शुरू नहीं की गई।
विश्वविद्यालय में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है और ना ही एंबुलेंस की सुविधा है।
मेस में फर्नीचर कम हैं, मैदान में खेल की सुविधाएं नहीं है।
विश्वविद्यालय में आज तक कोई गतिविधि कराई और ना ही कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाया गया।्र
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की है। कुलपति मैडम ने विद्यार्थियों को अपनी शिकायत लिखित में देने को कहा है। विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
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अंबरीष कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय
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