- सोनीपत के उपायुक्त सुशील सारवान ने कथूरा ब्लॉक में बनवासा के प्राइमरी स्कूल में की प्रोजेक्ट ‘अक्षर’ की शुरुआत
- बोले-कक्षा-2 में कम से कम 75 फीसदी विद्यार्थियों के साथ हरियाणा का पहला पूर्ण निपुण ब्लॉक बनाने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत/गोहाना। उपायुक्त सुशील सारवान ने सोमवार को राजकीय प्राइमरी स्कूल बनवासा से प्रोजेक्ट ‘अक्षर’ का शुभारंभ किया। आधारभूत साक्षरता एवं गणन क्षमता के परिणामों को तेजी से बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट के लिए जिले में सबसे पहले कथूरा ब्लॉक को चुना है।
डीसी ने कहा कि सभी 24 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा 2 के कम से कम 75 फीसदी विद्यार्थियों को दक्ष बनाकर ब्लॉक को हरियाणा का पहला पूर्ण निपुण ब्लॉक बनाने का लक्ष्य है। उपायुक्त ने बताया कि 31 जुलाई 2021 को भारत सरकार के निपुण भारत मिशन के अनुरूप निपुण हरियाणा मिशन की शुरुआत की थी।
मिशन का लक्ष्य है कि हर बच्चा कक्षा 3 तक आधारभूत साक्षरता और गणन क्षमता हासिल करे। शुरुआत में यह मिशन पहली से तीसरी कक्षा तक केंद्रित था। शैक्षणिक सत्र 2024–25 से इसे कक्षा 4 और 5 तक विस्तारित किया है। सोनीपत जिला निपुण हरियाणा मिशन के तहत शिक्षा सुधारों के क्रियान्वयन में लगातार अग्रणी रहा है।
हाल ही में राज्यभर में कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन करने के लिए दो चरणों में सेंसस ग्रुपिंग अभ्यास आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि इस योजना के परिणामों में सोनीपत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। 75 प्रतिशत या अधिक निपुण विद्यार्थियों वाली कैटेगरी ए के स्कूलों की संख्या सेंसस 1.0 में 4 फीसदी थी।
सेंसस 2.0 में यह 57 प्रतिशत हो गई। 50 प्रतिशत या अधिक निपुण विद्यार्थियों वाली कैटेगरी सी के स्कूलों की संख्या 75 से घटकर 14 प्रतिशत पर आ गई। इसी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए प्रोजेक्ट ‘अक्षर’ को एक डेटा-आधारित पायलट के रूप में शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत कथूरा ब्लॉक के कक्षा 2 के कम से कम 75 प्रतिशत विद्यार्थियों को दक्ष बनाकर ब्लॉक को हरियाणा का पहला ब्लॉक बना दें।
इसके बाद यह मॉडल दूसरे अन्य ब्लॉकों और जिलों में भी लागू किया जा सकेगा। परियोजना के तहत कक्षा 2 के सभी विद्यार्थियों का हर माह हिंदी साक्षरता और गणन क्षमता में मोबाइल आधारित मानकीकृत टूल्स के माध्यम से स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर कमियों की पहचान करके लक्षित वर्कशीट और शिक्षक सहायता पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 13 विधि विद्यार्थियों को स्वतंत्र आकलनकर्ता के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी विद्यार्थी निर्धारित आकलन प्रोटोकॉल के अनुसार प्रशिक्षित किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि गुणवत्ता और प्रक्रिया मानकों के पालन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और सीआरसी हेड समेत 24 अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक बनाया है।
साथ ही खुद भी चयनित विद्यालयों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। सभी 24 विद्यालयों में 2 और 3 फरवरी को प्रथम चरण का मूल्यांकन होगा। फिर मार्च-अप्रैल में अगले चरणों के मूल्यांकन किए जाएंगे।
ये रहे मौजूद
एसीयूटी आईएएस योगेश दिल्हौर, डीईईओ रचना बाना, नायब तहसीलदार गोहाना जतिंद्र गिल, बीडीपीओ परमजीत रंगा, बीईओ लवल किशोर शर्मा, एक्सईएन सिंचाई विभाग प्रशांत कौशिक, बीआरपी सपना, एबीआरसी ज्योति, स्कूल इंचार्ज बनवासा जोगिंदर सिंह, सुरेन्द्र नरवाल, कथूरा ब्लॉक के सभी एबीआरसी और बीआरपी के साथ अन्य अध्यापक और विद्यार्थी।
सोनीपत जिले के गांव बनवासा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के हिंदी अक्षरज्ञान का परीक्ष