फोटो 01- सोनीपत के गन्नौर के गांव पुगथला निवासी युवक निजी बस संचालकों के खिलाफ रोष जताते हुए। स
गन्नौर। निजी बस संचालकों की मनमानी इन दिनों पास धारक युवाओं पर भारी पड़ रही है। निजी बस संचालक विद्यार्थियों की तरफ से दिखाए जाने वाले मासिक पास को मान्य नहीं करते। ऐसे में विद्यार्थियों को मजबूरन टिकट लेने को विवश होना पड़ता है। विद्यार्थियों का कहना है कि पास बनवाने के पैसे जमा करवाने के बाद ही पास मान्य नहीं किया जा रहा है।
वीरवार को विद्यार्थियों ने एकत्रित होकर निजी बस संचालकों के खिलाफ रोष जताया और मांगों को लेकर महाप्रबंधक के नाम शिकायत भेजी है। इसमें मनमानी करने वाले निजी बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। गन्नौर खंड के गांव पुगथला निवासी अंकुश, अंशुल, सन्नी, सचिन, प्रिंस, राहुल सहित अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि पुगथला से सोनीपत वाया गन्नौर रूट पर निजी बस का परिचालन किया जा रहा है। इस रूट पर किसी भी सरकारी बस का परिचालन नहीं किया जाता। विद्यार्थियों ने बताया कि पुगथला से गन्नौर जाने वाली निजी बसों में परिचालक सरकार की तरफ से बनाए जाने वाले बस पास को मानने में आनाकानी करते हैं और विद्यार्थियों से किराया वसूल करते हैं। इससे छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें रोजाना इस प्रकार की समस्या से रूबरू होना पड़ता है। विद्यार्थियों ने मांग की है कि नियमों की अवहेलना करने वाले ऐसे निजी बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई बस संचालक नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।