सोनीपत। शहर के पूर्वी क्षेत्र में वार्ड नंबर 1 से 14 तक सीवर व्यवस्था को दोबारा निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 3 नवंबर तक ऑनलाइन टेंडर डाला जा सकेगा। इसके बाद टेंडर संबंधित एजेंसी को आवंटित कर दिया जाएगा, जिसके बाद एजेंसी के कर्मचारी सीवर व्यवस्था की देखरेख करेंगे। सीवर व्यवस्था की देखरेख करने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने के लिए जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है। सीवर समस्या का समाधान न होने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर के पूर्वी क्षेत्र की कॉलोनियों में सीवर लाइन की सफाई के लिए 2.45-2.45 करोड़ रुपये के दो टेंडर लगाए हैं। एक टेंडर वार्ड नंबर 1 से 7 और दूसरा टेंडर वार्ड नंबर 8 से 14 में सीवर व्यवस्था संभालने के लिए लगाया गया है। ठेकेदार को एक साल तक निश्चित समय सीमा के अंतर्गत सीवरों की सफाई का कार्य करना होगा। 3 नवंबर तक एजेंसियां ऑनलाइन टेंडर डाल सकेंगी। टेंडर आवंटित होने के बाद एजेंसी के कर्मचारी काम संभाल लेंगे।
ये है स्थिति :
- शहर में करीब 350 किलोमीटर की सीवर लाइन है।
- निगम के पास एक सुपर सकर मशीन है।
- हर दिन 15-20 शिकायत निगम में सीवर ओवरफ्लो की पहुंच रही हैं।
- 35 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट राठधाना में और 25 एमएलडी का ककरोई रोड पर है।
- शहर 35 से 40 एमएलडी तक पानी बहा रहा है।
लापरवाही मिलने पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई
टेंडर में शर्त रखी गई है कि अगर तय समय में सीवर की सफाई का कार्य नहीं किया जाता है तो नगर निगम एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी। ठेकेदार को हर समस्या का 24 घंटे में निपटान करना होगा। काम जितनी देरी से होगा उसके हिसाब से जुर्माना तय किया जाएगा। एजेंसी को इसके लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग करना होगा।
वर्जन
शहर के सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद एजेंसी की ओर से सीवर सफाई बेहतर करनी होगी। लापरवाही मिलने पर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीवर लाइन की सफाई के लिए 2.45-2.45 करोड़ रुपये के दो टेंडर लगाए हैं।
-देवेंद्र खासा, सहायक अभियंता, नगर निगम, सोनीपत