सोनीपत। सरकार भले ही ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की कवायद कर रही हो, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए जिन शिक्षकों की सबसे ज्यादा जरूरत है, वह शिक्षक ही स्कूलों में नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सांदल खुर्द का प्राथमिक विद्यालय है, जहां एक शिक्षिका के सहारे ही स्कूल चल रहा है। शिक्षिका पूनम सरोहा ही पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाती हैं। इसके अलावा मुख्य अध्यापिका से लेकर क्लर्क तक की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। विभाग की कोई बैठक व अन्य ड्यूटी लगती है तो स्कूल पर ताला लग जाता है।
सांदल खुर्द के प्राथमिक विद्यालय के हालात देखकर वहां लोग अपने बच्चों का दाखिला नहीं करा रहे हैं। हालत यह है कि पांच कक्षा तक स्कूल में केवल 33 बच्चे रह गए हैं। पहली कक्षा में 3 बच्चे, दूसरी, तीसरी व चौथी कक्षा में 8-8 बच्चे और पांचवीं कक्षा में 6 बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में कम बच्चे होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां केवल एक शिक्षिका है और वह पिछले तीन साल से सभी पांच कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाती है। इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक शिक्षिका पांच कक्षाओं के बच्चों को एक साथ कैसे पढ़ा सकती है, जबकि उनकी किताबें भी अलग होती हैं।
स्कूल को बंद होने से बचाने को जद्दोजहद कर रही शिक्षिका पूनम
सरकार ने उन सभी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं, जहां 25 से कम छात्र हैं। इस स्थिति में सांदल खुर्द के स्कूल में केवल आठ बच्चे ज्यादा हैं। स्कूल बंद नहीं हो, उसके लिए शिक्षिका पूनम पूरी जद्दोजहद कर रही हैं। वह कभी गांव के सरपंच के पास तो कभी गांव की गलियों में चक्कर लगाकर लोगों को स्कूल में अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला कराने के लिए समझा रही है। वहीं, ग्रामीण इस शर्त पर दाखिला कराने की बात कहते हैं कि जब यहां अन्य शिक्षक आ जाएंगे, तब वह अपने बच्चों का दाखिला करा देंगे।
स्कूल में अकेली होने के कारण एक साथ सभी बच्चों को पढ़ाना पड़ता है। उसके साथ ही मुख्य अध्यापिका की जिम्मेदारी मुझ ही दी गई है। वहीं, क्लर्क का काम भी मुझे ही करना पड़ता है। किसी तरह कोशिश कर रही हूं कि स्कूल में बच्चों की संख्या को बढ़ाया जा सके। हालांकि यहां 2-3 शिक्षक होने चाहिए, उससे स्थिति काफी अच्छी हो सकती है। - पूनम सरोहा, शिक्षिका
शिक्षकों के जल्द ही तबादले होने वाले हैं और जिन स्कूलों में शिक्षक कम हैं, वहां उनको भेजा जाएगा। सांदल खुर्द के स्कूल में फिलहाल एक शिक्षक की तैनाती होगी और उसके बाद बच्चे बढ़ने के अनुसार अन्य अध्यापकों की नियुक्ति कराई जाएगी। - बिजेंद्र नरवाल, डीईईओ
बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका पूनम- फोटो : Sonipat