फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किरण का फोन आया था, बोलीं सबसे आगे मिलूंगी विधानसभा घेराव में

Fri, 12 Feb 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। बिजली के बढ़े बिलों के विरोध में कांग्रेसी सत्र के पहले दिन ही विधानसभा का घेराव करेंगे। किसी तरह की दुविधा नहीं है। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी का खुद फोन आया है कि वे घेराव में वह सबसे आगे रहेंगी। विरोधी नेता बेवजह कांग्रेस के अंदर फूट की बात कहकर अपनी राजनीति करते रहते हैं। यह बात पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वह गुरुवार को पूर्व सांसद किशनचंद्र सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। गौरतलब है कि स्व. किशनचंद्र सांगवान भाजपा के सांसद रहे हैं, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव से पहले उनके बेटे ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इस मौके पर राज्यसभा सांसद शादीलाल बतरा, आफताब अहमद, विधायक जयतीर्थ दहिया, राजकुमार वाल्मीकि, पूर्व विधायक देवराज दीवान व अन्य नेता भी मौजूद रहे।
विज्ञापन


प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट
पूर्व सीएम ने भाजपा की प्रदेश सरकार को फीता काट, जेब काट और पल्ला झाड़ सरकार बताया। सीएम के विदेश दौरे के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि विदेशी निवेश लाने के लिए पहले प्रदेश के अंदर सकारात्मक माहौल बनाना पड़ता है, लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है, न ही उद्योगों के लिए जमीन है और न ही पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही। ऐसे में उद्योगपति कैसे प्रदेश के अंदर निवेश करेंगे। बिजली सरचार्ज पर हुड्डा ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल नीति बनाई थी, अगर वह गलत थी तो आखिर क्यों लागू किया।

वक्फ बोर्ड के किराएदार का दर्द सुने सरकार
पूर्व सीएम ने कहा कि वक्फ बोर्ड के किराएदारों को उनके हक से वंचित नहीं किया जा सकता। दशकों से मकान बनाकर रह रहे लोगों को कैसे बेघर कर सकते हैं। सरकार को उनका दर्द सुनते हुए कोई न कोई रास्ता निकालना चाहिए।
विज्ञापन


बीफ पर पहले से प्रतिबंध, फिर बयानबाजी क्यों
पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार गाय और गीता के नाम पर राजनीति कर रही है। प्रदेश के अंदर पहले से ही बीफ पर प्रतिबंध है। विधानसभा प्रस्ताव पास करके कानून बनाया गया था। अब भाजपा नेता कभी प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं तो कभी लाइसेंस देने की बात करते हैं।

गांव का पैसा शहर में न लगाए सरकार
सोनीपत नगर निगम में शामिल 26 गांवों को निगम में शामिल किया गया है। इसके साथ ही गांवों का करोड़ों रुपये निगम के खाते में आ गया। पूर्व सीएम ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि उनका पैसा तो निगम ने ले लिया, लेकिन विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगाई। उनका पैसा शहर के अंदर खर्च किया जा रहा है। हुड्डा ने कहा कि सरकार को शहर का विकास अपने पैसे से कराना चाहिए, ग्रामीणों का हक उन्हें मिलना चाहिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें