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अनदेखी के दर्द पर सीएम ने पढ़ाया त्याग का पाठ

Thu, 11 Feb 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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सीएम मनोहर लाल खट्टर देर शाम हिसार से सोनीपत पहुंचे और निजी स्कूल में दो घंटे सोनीपत और पानीपत जिले के कार्यकर्ताओं के मन की बात जानी। जब पुराने भाजपाइयों ने सीएम के सामने स्वयं की अनदेखी का दर्द सुनाया तो सीएम ने त्याग का पाठ पढ़ाया। बोले, हमारी समाज और सरकार के प्रति भी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं।
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शाम करीब साढ़े पांच बजे सीएम हेलीकाप्टर से सोनीपत पहुंचे। आधे घंटे बाद राठधना रोड स्थित निजी स्कूल में पानीपत और सोनीपत जिले के चुनिंदा कार्यकर्ताओं की स्कूल के कांफ्रेंस हॉल में मीटिंग ली। उनके साथ में सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक, पानीपत सिटी से विधायक रोहिता रेवड़ी, पानीपत ग्रामीण से विधायक महीपाल ढांडा सहित भाजपा के संगठन मंत्री सुरेश भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन और सोनीपत के जिला अध्यक्ष डाक्टर धर्मवीर नांदल और पानीपत से जिला अध्यक्ष प्रमोद विज भी साथ रहे। सीएम ने सबसे पहले दोनों जिलों के कार्यकर्ताओं से सुझाव मांगे।

सीएम साहब, ट्यूबवेल चलाने में कहा जरूरत पड़ती है मेरिट की
एक कार्यकर्ता ने सीएम से कहा कि सरकार नौकरियों के लिए फार्म तो भरवा लेती है, लेकिन नौकरी नहीं दी जाती। सालों तक कार्यकर्ता और बेरोजगार इंतजार करते रहते हैं। इस पर सीएम ने कहा कि जल्द सरकार 50 हजार भर्ती करने जा रही है। 10 भर्तियों की प्रक्रिया कर्मचारी चयन आयोग पूरी करने वाला है। कार्यकर्ता ने जब नौकरी की मांग की तो सीएम ने कहा कि हमें कांग्रेस और इनेलो नहीं बनना। मेरिट के आधार पर नौकरी देंगे। कार्यकर्ता ने कहा कि, एक माली या पब्लिक हेल्थ में ट्यूबवेल चलाने के लिए कहां मेरिट की जरूरत पड़ती है। सीएम ने जवाब दिया कि मेरिट केवल कागजों की नहीं, बल्कि व्यवहार और स्वभाव भी देखा जाएगा।
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घबराएं नहीं, खरखौदा में ही होगा 3 हजार करोड़ का निवेश
मीटिंग में खरखौदा से आए कार्यकर्ताओं ने कहा कि खरखौदा हलके से कांग्रेस का विधायक है। वहां के कार्यकर्ताओं की सुनने वाला कोई नहीं है। मंडियों में पानी भरा रहता है। इस पर सीएम ने कहा कि चीन की एक कंपनी जल्द खरखौदा में 3 हजार करोड़ का निवेश करेगी। इससे वहां के युवाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास की गति बढ़ेगी।

लघुसचिवालय से मुख्यालय तक दलाल हो गए बेरोजगार
एक कार्यकर्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाना जरूरी है। कई अधिकारी तो दो घंटे भी कार्यालय में नहीं मिलते। पूछने पर जवाब मिलता है कि मीटिंग में गए हैं। इस पर सीएम ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। साथ में कहा कि, पूर्व सरकारों में जो जिले के लघुसचिवालय से लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय तक दलाल थे, अब भाजपा सरकार में वे बेरोजगार हो गए हैं।

सीएम ने पूछा, सरकार की पांच अच्छी बात बताओ
मीटिंग के अंत में सीएम ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि केंद्र और राज्य सरकार के बारे में पांच अच्छी बात बताओ। इस पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि पब्लिक के बीच में लोग यह जरूर कहते हैं कि विकास हो या न हो, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहर लाल खट्टर ईमानदार जरूर हैं।

कहानियों के जरिए दिए संदेश, किए कटाक्ष
सीएम मनोहर लाल खट्टर और 200 कार्यकर्ता। सीधा संवाद। आप सोच रहे होंगे सभी बहुत गंभीर होंगे। शुरुआत में तो ऐसा ही था। जिस तरह से प्रिंसिपल अध्यापकों की बैठक ले, उसी तरह का माहौल था। जिस तरह से प्रिंसिपल के सामने सभी अध्यापक सहज नहीं होते। उसी तरह से गुरुवार को लिटिल एंजल्स में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में सीएम के सामने कार्यकर्ता भी सहज नहीं थे, लेकिन सीएम खट्टर ने बैठक की शुरुआत में ही माहौल को बदलने के लिए हंसी-मजाक शुरू कर दिया था। मजाकिया अंदाज में सीएम ने सभी कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी सुनीं, उन्हें आश्वासन की घुट्टी भी पिला दी। आप अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि बैठक खत्म होने के बाद जब कार्यकर्ता बाहर आए तो सभी के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे रही थी। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कार्यकर्ताओं के बीच कटाक्ष भी किए। साथ ही कहानियों के जरिए पिछली कांग्रेस सरकार पर व्यंग्य करते हुए संदेश भी दिए। खास बात यह रही कि पूरी बैठक में कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच होने वाले विवाद पूरी तरह से हावी रहे।

कहानी नंबर एक : दूसरे तरीके लाएंगे अमल में
सीएम की पहली कहानी थी कि एक राजा था, उसके अधिकारी काम नहीं करते थे। एक मंत्री ने कहा कि इनका तबादला कर दो। अब राजा ने भी दिमाग लगाया और सोचा कि तबादला करने से ही इनकी अक्ल ठिकाने आएगी, लेकिन इसी बीच दूसरे मंत्री ने कहा कि तबादला करना ठीक नहीं होगा, जहां जाएंगे वहां भी काम नहीं करेंगे। यही हालत इस समय हमारे प्रदेश की है। सीएम ने कहा हमें काम अधिकारियों से ही लेना है, इसीलिए जो काम नहीं करते। उनसे काम कराने के लिए दूसरे तरीके अमल में लाए जाएंगे।

कहानी नंबर दो : अधिकारी तो ऐसे ही होते हैं
सीएम की दूसरी कहानी भी एक राजा की ही थी। सीएम ने कहा कि एक राजा था। उसने कभी बैंगन नहीं खाया था। एक दिन अधिकारियों से पूछा कि ये बैंगन कैसा होता है। अधिकारियों ने कहा कि जी बैंगन तो बहुत बढ़िया होता है। स्वादिष्ट होता है, सेहत के लिए फायदेमंद होता है। अधिकारियों की बात सुनकर राजा ने बैंगन खा लिया। भोजन के कुछ देर बाद ही राजा बीमार हो गया। उसने अधिकारियों को बुलाया और बताया कि बैंगन खाने की वजह से मैं बीमार हो गया। अब अधिकारी बोले जी बैंगन तो है ही खराब, इसमें बीज होते हैं जो पचते नहीं, स्वाद भी कुछ खास नहीं होता और बीजों के कारण शरीर में विकार भी उत्पन्न होते हैं। अंत में सीएम ने कहा कि अधिकारी तो ऐसे ही होते हैं। जिसकी सरकार होगी उसी की बात होगी।

मार्च में एक रविवार को होगी सामूहिक सफाई
बैठक के दौरान सभी कार्यकर्ताओं के समक्ष सीएम ने आइडिया दिया कि क्यों न ऐसा किया जाए कि महीने के कोई एक रविवार को आम लोग सफाई के लिए सड़कों पर उतरें। उनके साथ मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी भी सड़क पर उतरकर सफाई करे। इस पर कार्यकर्ताओं ने भी हामी भर ली। इस पर फैसला लिया गया अगले माह यानी मार्च से इसको शुरू किया जाएगा।
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