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प्रदेश सरकार वादे पूरे या गद्दी छोड़े

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प्रदेश की भाजपा सरकार चुनाव में किए वादे पूरे करे या गद्दी छोड़ दे। कांग्रेस और जनता चैन से नहीं बैठेगी। 36 बिरादरी का साथ मिला तो वे सरकार को गुढलिया (घुटनों के बल) चलवा देंगे। यह चेतावनी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दी है। वे शुक्रवार को बिजली के बढ़े बिलों और धान घोटाले को लेकर लघु सचिवालय के नजदीक हनुमान मंदिर के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
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हुड्डा ने कहा कि वे व्यक्तिगत तौर पर किसी पर कटाक्ष नहीं करते, लेकिन दिल से कहता हूं, नीतिगत तौर पर भाजपा कभी भी किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और दुकानदार की नहीं हुई और न ही हो सकती है। जब से प्रदेश में भाजपा सरकार आई है, किसानों को दयनीय हालत में पहुंचा दिया है। पहले धान पीटा, फिर पाप्लर, गेहूं की फसल बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई। ऊपर से मंडियों में खरीददार ही नहीं मिले। हुड्डा ने कहा कि इस बार तो प्रदेश में बड़ा धान घोटाला हुआ है। क्या कारण है कि जब धान किसानों के पास है तो भाव 1100 से 1200 रुपये रहा। जब वह व्यापारियों और पांच-छह बड़े निर्यातकों के पास पहुंच गया तो कीमत दुगुनी हो गई। हुड्डा ने कहा कि उनके खिलाफ किसी से भी जांच करा ली जाए, वह नहीं डरने वाले। उन्होंने धान घोटाले की जांच सिटिंग जज से कराने की मांग। उन्होंने कहा कि कोयला का भाव कम हो गया, लेकिन बिजली के बिल बढ़ गए। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव 40 प्रतिशत गिर गए, लेकिन खाद के भाव कम नहीं हुए। इससे साफ है कि प्रदेश की भाजपा सरकार चंद पूंजीपतियों की सरकार है।

पंचायत चुनाव होने दो, गांव में नहीं घुसने देंगे
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते उनके मंत्री अब खुद ही गांवों में जाने से डर रहे हैं। पंचायत चुनाव शांतिपूवर्क हो जाने के बाद ग्रामीण खुद भी भाजपा नेताओं को घुसने नहीं देंगे।
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आंख में आंख डालकर चोरी करना आसान नहीं
इससे पहले सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आंख में आंख डालकर चोरी करना आसान नहीं होता। यहीं कारण है कि झज्जर में कैंसर संस्थान के भूमिपूजन समारोह में उनका आमंत्रण रद कर दिया गया। सांसद ने कहा कि दो बार केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर बुलाया। भूमि पूजन से एक दिन पहले भी 11 दिसंबर को दिल्ली में आने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन रात को भाजपा सरकार घबरा गई। सुबह डीसी का फोन आया और कहा कि उच्चस्तरीय मीटिंग में फैसला हुआ है कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा का निमंत्रण रद किया जाता है। सांसद ने कहा कि इस संस्थान को प्रदेश में लाने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की। अब भाजपा सरकार उस मेहनत का खुद श्रेय लेना चाहती है। सांसद ने कहा कि पंचायत चुनाव में ग्रामीण अच्छे व्यक्ति का चयन करें।

कांग्रेसियों ने अपनी सरकार के कार्यकाल के भी बिल फूंके
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में बिजली के बढ़े बिलों को लेकर धरना दिया, लेकिन जल्दबाजी में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के कार्यकाल के ही नहीं, बल्कि अपनी सरकार के कार्यकाल के भी बिजली के बिल लेकर पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं जो बिल जलाए, उनमें मार्च और मई 2014 के बिल भी हैं। जबकि भाजपा सरकार अक्तूबर 2014 में सत्ता में आई।

ये रहे धरने में मौजूद
इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं गन्नौर से विधायक कुलदीप शर्मा, गोहाना के विधायक जगबीर मलिक, राई के विधायक जयतीर्थ दहिया व खरखौदा विधायक जयवीर वाल्मीकि और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुमित्रा चौहान, जिला कांग्रेस नेता प्रदीप गौतम, युवा नेता देवेंद्र शर्मा और मनोज रिढ़ाऊ भी मौजूद रहे।
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