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छह सीनियर छात्राओं पर दो साल का प्रतिबंध, हॉस्टल सुपरवाइजर सस्पेंड

Sat, 19 Dec 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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खानपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की जूनियर छात्राओं के साथ सीनियर छात्राओं द्वारा रात को हॉस्टल में कथित रैगिंग के मामले में सुपरवाइजर को जहां सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं सभी छह सीनियर छात्राओं पर दो साल के लिए संस्थान का प्रतिनिधित्व करने पर रोक लगा दी। साथ में छात्राओं से शपथ पत्र लिया गया है कि वे दोबारा ऐसी हरकत नहीं करेंगे।
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जांच कमेटी ने रिपोर्ट में माना दोषी, चार से पूछताछ पर दो के और नाम आए
मेडिकल कालेज के सूत्रों ने बताया कि डा. एमएस पूनिया के नेतृत्व में एंटी रैगिंग कमेटी ने जब मामले की जांच आगे बढ़ाई तो सबसे पहले 2014 बेंच की चार छात्राओं से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके साथ इसी बेंच की दो और छात्राएं हैं। बयान दर्ज कर निदेशक को रिपोर्ट दी। निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रैगिंग रोकने के लिए तय किए गए नियमों के तहत छात्राओं पर न केवल पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना किया गया, बल्कि दो साल के लिए रिप्रजेंटेटिव की भूमिका देने पर प्रतिबंध लगा दिया।

हॉस्टल में कई दिन से थी हलचल, सुपरवाइजर ने नहीं दी सूचना
जांच में पता चला है कि निदेशक आरसी सिवाच को तीन-चार दिन पहले ही पता चल गया था कि हॉस्टल में छात्राओं के बीच कुछ हलचल है। इसके बावजूद कांटेक्ट पर लगी सुपरवाइजर ने सूचित नहीं किया। इसके चलते उसे तत्काल प्रभारी से संस्पेंड कर दिया गया है।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के तहत छात्राओं पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। संस्थान में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। पहले से गड़बड़ी की सूचना दी, लेकिन सुपरवाइजर ने लापरवाही बरती, इसलिए उसे सस्पेंड कर दिया गया है।
-डॉ. आरएसी सिवाच, निदेशक मेडिकल कालेज खानपुर कलां।

यह था मामला
निदेशक आरसी सिवाच छह दिन पहले चंडीगढ़ गए हुए थे। उन्होंने गल्र्स हॉस्टल में कुछ हलचल दिखाई दी। ड्यूटी पर तैनात निदेशक को जांच के लिए भेजा। पता चला कि कुछ सीनियर छात्राएं रात 11 बजे 18 से 20 जूनियर छात्राओं को ठंड में बाहर खड़ा करके पूछताछ कर रही हैं। उनसे व्यक्तिगत सवाल पूछ जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए निदेशक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे।
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