रोहतक और झज्जर के साथ मिलकर जाटलैंड बनाने वाला सोनीपत जिला साल 2015 में राजनीतिक गतिविधियों के हिसाब से शांत रहा। भाजपाई जहां सत्ता पाकर आराम के आदी हो गए, वहीं कांग्रेसी सत्ता खोकर पवेलियन लौट गए।
इनेलो इस साल भी अपने नेता पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला के बाहर आने का इंतजार करती रही। और कोई बैचन रहा तो वह जिले की जनता, जो केंद्र की मोदी व प्रदेश की खट्टर सरकार की चुनावी से पहले की कसमों व वादों के पूरे होने का इंतजार करती रही।
सोनीपत जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। सोनीपत शहर, राई, गन्नौर, खरखौदा, गोहाना व बरोदा। लोकसभा चुनाव में मोदी लहर पर भाजपा के रमेश कौशिक जीतने में कामयाब रहे, जबकि विकट हालात के बावजूद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सोनीपत सिटी को छोड़कर पांच विधानसभा सीट जीतने में कामयाब रही थी।
सोनीपत शहर से लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने पर भाजपा ने विधायक कविता जैन को न केवल सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया, बल्कि शहरी निकाय, महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री बनाया।
कांग्रेसियों की गतिविधियां हुईं कम
कांग्रेस लगतार 10 साल सत्ता में रही। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक के साथ सोनीपत को भी महत्व दिया, चाहे दूसरे कार्यकाल में ही सही। इसका परिणाम यह रहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सोनीपत सिटी में तो हार गई, लेकिन गोहाना, बरोदा, गन्नौर, खरखौदा व राई में जीतने में कामयाब रही। सत्ता जाने के बाद कांग्रेसियों की गतिविधियां कम हो गईं। हालांकि विधायक जरूर बीच-बीच में बयानबाजी करते रहते हैं। गन्नौर से विधायक कुलदीप शर्मा जरूर अपने हलके में सक्रिय नजर आते हैं। पिछले दिनों गन्नौर के विकास को लेकर उन्होंने धरना जरूर दिया था।
इनेलो को आज भी अपने नेता का इंतजार
जिले में राजनीतिक दलों के बीच इनेलो को संगठन के तौर पर सबसे मजबूत माना जाता था, लेकिन पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला व अजय चौटाला के जेल में जाने व लगातार तीसरी बार सत्ता न मिलने का असर संगठन पर दिखने लगा है। पार्टी के अंदर जिले में इतनी गतिविधियां नहीं हो रही, जिसके लिए पार्टी जानी जाती है। ज्यादातर नेता अपने काम धंधों पर फोकस किए हुए हैं। जिला अध्यक्ष पदम दहिया व हलका अध्यक्ष बीच-बीच में जरूर सक्रिय नजर आए।
नए साल में रचेंगे नया इतिहास : कौशिक
सांसद रमेश कौशिक का कहना है कि विकास के मामले में साल 2015 उनके लोकसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण रहा। न केवल करोड़ों के सड़क प्रोजेक्ट आए, बल्कि बहुप्रतिक्षित सोनीपत-गोहाना-जींद रेलवे लाइन का भी काम लगभग पूरा हुआ। नए साल में इस लाइन पर इतिहास में पहली बार रेलगाड़ी चलेगी।
शहर के लिए पांच संकल्प : जैन
प्रदेश की केबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक कविता जैन का कहना है कि वैसे तो उसकी पूरे प्रदेश में विकास की जिम्मेदारी है, लेकिन अपने हलके व शहर के विकास के लिए पांच संकल्प लिए हैं। सबसे पहले सिविल अस्पताल को 200 बेड का करना, लड़कियों के लिए 12वीं तक का स्कूल खुलवाना, गोहाना व राठधना रोड पर एक-एक नया पार्क बनवाना, रैपिड ट्रेन के लेकर आना व शहर के बीचोंबीच गुजर रही ड्रेन नंबर छह को कवर करना है। इसके अलावा दूसरे विकास कार्य भी कराएंगे।
शहर को बनाएंगे साफ-सुथरा
स्वच्छता अभियान को लेकर नए साल में पूरा फोकस रहेगा। शहर के लोगों को भी इसके लिए मदद करनी होगी। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधारना है। इसे मेरा संकल्प मान लें, क्योंकि मैं हमेशा ही सड़कों पर सुचारू यातायात व्यवस्था चाहता हूं। हर तरह की इमरजेंसी से व्यक्ति निपट सकता है, अगर सड़क पर यातायात व्यवस्था सुचारू हो और जाम न हो।
राजीव रतन, डीसी, सोनीपत
पेंडिंग मामले और वुमन सेफ्टी पहले
नए साल में पुलिस फोर्स को बेहतर बनाएंगे। कई तरह की शिकायतें आम लोगों को पुलिस से रहती हैं, उन सभी तरह की शिकायतों को दूर करने की कोशिश की जाएगी। वुमन सेफ्टी और पेंडिंग मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। गोद लिए गए भठगांव में भी इस साल हमारे किए हुए कामों का रिस्पांस मिलने लगेगा। फायदों को गांव तक सीमित रखने की बजाए जिले तक ले जाया जाएगा।
अभिषेक गर्ग, एसपी, सोनीपत।
डिजीटल इंडिया और मेक इन इंडिया में करेंगे मदद
तकनीकी विश्वविद्यालय होने के नाते हम नए साले में डिटीजल इंडिया और मेन इन इंडिया को लेकर काम करेंगे। उच्चतर शिक्षा को लेकर काम करेंगे। अभी हम कई गांवों में बच्चों को मुफ्त में शिक्षित कर रहे हैं। अपने इस प्रयास को आगे बढ़ाएंगे। मेरी व्यक्तिगत उम्मीद ये है कि इस वर्ष हम और बेहतर वातावरण बना सकें।
आरपी दहिया, वीसी, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय