सोनीपत। सीएम मनोहर लाल शनिवार को बरोदा हलके के गांवों में पहुंच गए तो पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनको चुनौती दे डाली। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सीएम बरोदा से मेरे सामने चुनाव लड़कर दिखाएं तो जनता सबकुछ साफ कर देगी। उन्होंने कहा कि सीएम को विकास कार्यों पर भरोसा है तो उनको खुद बरोदा से चुनाव लड़ना चाहिए और उनके सामने मैं खुद चुनाव लड़ने उतर जाऊंगा। बरोदा चुनाव में मेरे व सीएम के आमने-सामने होने से पता चल जाएगा कि जनता किसे पसंद करती है और 2024 की जगह बरोदा उपचुनाव ही सरकार के विकास कार्यों व लोकप्रियता का फैसला कर देगी।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार में हिस्सेदारी का प्रलोभन देकर वोट मांगना गलत है और बरोदा की ऐसी सरकार में हिस्सेदारी नहीं चाहिए। बरोदा की जनता भ्रष्टाचार में कभी हिस्सेदारी नहीं चाहती है और इसलिए ही बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस की एक तरफा जीत पक्की है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा रविवार को सोनीपत में मुरथल रोड पर निजी बैंक्वेट हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सीएम खुद चुनाव नहीं लड़ते हैं तो वह भी केवल प्रचार करेंगे और बरोदा के उपचुनाव की पूरी कमान सांसद दीपेंद्र हुड्डा संभालेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस के सभी विधायक बरोदा के उपचुनाव में रहेंगे, जिसको लेकर सोमवार को चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक होगी। प्रत्याशी को लेकर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस का प्रत्याशी मजबूत और जनता के बीच रहने वाला होगा। पूर्व सीएम ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सीएम व सरकार के पास बरोदा में गिनवाने के लिए एक भी काम नहीं है, जबकि कांग्रेस सरकार में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल सभी के लिए काम कराया गया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने कोरोना के संकट से निपटने व गरीब, किसान, मजदूर की बेहतरी के फैसलों में सरकार का पूरा साथ देने की बात कही थी, लेकिन सरकार ने उनकी बेहतरी का कोई फैसला नहीं लिया है और इस कारण ही उनको सरकार का विरोध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की जनता 5 सी से घिरी है, जिनमें चीन, कोरोना, करप्शन, क्राइम, कास्टिज्म है।
पुलिस कर्मियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व नौकरी की घोषण करें सीएम
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर है और आम जनता के साथ ही पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दो पुलिस कर्मियों की हत्या की गई और उनके परिवार के लिए कोई आर्थिक सहायता व नौकरी की किसी नेता ने कोई घोषणा नहीं की है। जबकि उत्तरप्रदेश सरकार ने कानपुर में पुलिस कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये व नौकरी देने की घोषणा तुरंत कर दी। पूर्व सीएम ने इस तरह ही जींद के दोनों पुलिस कर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये व एक नौकरी देने की मांग रखी, जिसकी सीएम को घोषणा करनी चाहिए।