राई (सोनीपत)। सीआरपीएफ में सिपाही भर्ती होने के लिए फर्जीवाड़ा करने करने वालों के रिश्तेदारों और परिजनों के मोबाइल बंद हो गए हैं। पुलिस की टीम उनकी तलाश में पानीपत और करनाल में दबिश दे रही है। आरोपियों ने अपने जिन रिश्तेदारों और परिजनों के सहारे फर्जीवाड़ा कराने की बात कही थी। अब उन तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। वहीं सीआरपीएफ का भर्ती विभाग कागजातों की छंटनी में जुटा है, जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले सभी अभ्यर्थियों का पता लगाया जा सके।
भर्ती बोर्ड के चेयरमैन और सीआरपीएफ चंडीगढ़ के द्वितीय कमांडेंट संजय कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया था कि ग्रुप केंद्र खेवड़ा में सीआरपीएफ सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल लिए जा रहे थे। फिजिकल लेने का मंगलवार को अंतिम दिन था। इसी बीच डीआईजी (भर्ती), नई दिल्ली की तरफ से पत्र मिला कि जिन अभ्यर्थियों की बायोमीटरिक हाजिरी मिलान नहीं कर रही है, उन्हें परीक्षा से हटा दिया जाए और उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया जाए, जिस पर मंगलवार को फिजिकल के लिए पहुंचे चार अभ्यर्थी ऐसे मिले जिनकी बायोमीटरिक हाजिरी का मिलान नहीं हुआ था। राई थाने से एएसआई रवींद्र दहिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर चरखी दादरी के गांव पंडवान के रहने वाले अनिल कुमार और गांव रानीला के रहने वाले योगेश कुमार, पानीपत के गांव जलमाना के रहने वाले सच्चेंद्र और भिवानी के गांव खरक खुर्द निवासी सुरेश को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। बाद में सामने आया था कि आरोपी पढ़ाई में कमजोर थे। उनकी नौकरी के लिए पिता, मामा, भाई और अन्य रिश्तेदारों ने परीक्षा दूसरों से दिलवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए पूरा षड्यंत्र रचा गया। आरोपियों के इन रिश्तेदारों और परिजनों की तलाश में राई थाना पुलिस ने वीरवार को दबिश दी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस ने वीरवार को आरोपियों को साथ में लेकर पानीपत और करनाल में दबिश दी।
पुलिस बढ़ाएगी जांच का दायरा
मामले में अभी तक यह आशंका जाहिर की जा रही है कि आरोपियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। मामले के खुलासे के बाद सीआरपीएफ ने संदिग्ध केसों की छंटनी का काम शुरू कर दिया है। जिसके बाद आरोपियों की संख्या का पता लगा सकेगा। उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मामले में संदिग्धों की संख्या करीब 450 बताई गई है।
आरोपियों के परिजन हो गए भूमिगत
सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र में भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े में आरोपियों के परिजनों की तलाश में छापेमारी की गई है। आरोपियों के परिजन भूमिगत हो गए हैं और उनके फोन बंद आ रहे हैं। पुलिस जल्द उनकी तलाश करेगी, जिसेक बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
-एएसआई रवींद्र दहिया, जांच अधिकारी, थाना राई।