सोनीपत। कोर्ट परिसर में बदमाश अजय उर्फ बिट्टू की हत्या के प्रयास और उसके पिता की बरोणा में हत्या की वारदात को पुलिस गैंगवार से जोड़कर देख रही है। अजय उर्फ बिट्टू अब संदीप बड़वासनी गिरोह को चला रहा था, इस गिरोह की रामकरण गिरोह से रंजिश चली आ रही है। वहीं अजय की मां ने रवि उर्फ मुनिया गिरोह का नाम लिया है।
शराब कारोबारी संदीप बड़वासनी की हत्या अप्रैल, 2017 को गोहाना में पुलिस कर्मी संजीत उर्फ बोड़ा के घर हुई थी। हत्या के मामले में संजीत के साथ रामकरण और 27 आरोपी नामजद हुए थे। बाद में संजीत की मौत हो गई थी। अजय उर्फ बिट्टू पर आरोप है कि उसने संदीप बड़वासनी की हत्या का बदला लेने के लिए गंधार के सत्यवान की हत्या रोहतक में की थी। अब अजय के पिता की हत्या के मामले में रामकरण बैंयापुर, सत्यवान की पत्नी समेत कई अन्य को नामजद किया गया है।
उधर, मामले में महेश पर अजय की हत्या के प्रयास का आरोप है। यह भी चर्चा चली रही कि उसने रुपये के लिए वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर गहनता से जांच की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी रुपयों के लेनदेन का मामला बता रहा है, लेकिन गैंगवार के एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है। कोर्ट में अजय पर हमले के बाद करीब 20 किलोमीटर दूर गांव बरोणा में उसके पिता कृष्ण की घर में घुसकर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।