प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि हरियाणा-गुजरात के बीच भावनात्मक रिश्ता है। एक तो भगवान श्रीकृष्ण की नगरी गुजरात में है तो कर्मस्थली हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रही है।
अब सरस्वती नदी के उद्गम स्थल आदी बद्री के बाद इसका प्रवाह गुजरात के कच्छ तक माना गया है। इस नाते भी दोनों राज्यों के संबंध बढ़े हैं। सीएम वीरवार को सोनीपत के राई में केजीपी, केएमपी और एनएच-1 को पानीपत तक आठ लेन करने के शिलान्यास समारोह में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में पीएम मोदी पांचवीं बार हरियाणा में आए हैं। 13 हजार 802 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाएं न केवल हरियाणा के लिए, बल्कि उत्तर भारत के राज्यों के लिए दीपावली का तोहफा है।
मुख्यमंत्री ने सोनीपत को ऐतिहासिक स्थल बताते हुए कहा कि सोनप्रस्थ उन पांच प्रस्थों में से एक है, जिन्हें कौरवों द्वारा पांडवों की मांग पर न देने से महाभारत का धर्मयुद्ध हुआ। यहां के निकट बढ़खालसा गांव गुरु भक्ति और बलिदान की अनूठी मिसाल है।
सीएम खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग की नौ परियोजनाएं हरियाणा को दी हैं और चार राष्ट्रीय राजमार्गों को फोर लेन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा गठन के 48 वर्षों में केवल 67 आरओबी/आरयूबी मिले थे, जबकि पिछले डेढ़ वर्ष में 33 आरओबी/आरयूबी हरियाणा को मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में हिसार को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विकसित करने की मांग भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने अभी हाल में अपनी नई उद्यम प्रोत्साहन नीति-2015 घोषित की है। इसके तहत पांच वर्षों में 4 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने और एक लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष निवेशक सम्मेलन बुलाया जाएगा, जिसमें न केवल देश के बल्कि विदेशों के निवेशकों भी हरियाणा में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इससे पहले, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल व हरियाणा सरकार के सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री का गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया।
इस मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन व जहाज रानी राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन, हरियाणा मंत्री मंडल के सदस्य मौजूद रहे।