सोनीपत। सेक्टर-चार स्थित खेल परिसर के हॉकी मैदान में खिलाड़ी अधूरी सुविधाओं के साथ ही अभ्यास करने को मजबूर हैं। मैदान में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं तक नहीं है। परिसर के मैदान में करीब डेढ़ साल से मरम्मत कार्य चल रहा है। इससे खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित हो रहा है। अब अधूरे इंतजाम के बीच ही उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया है।
स्टेडियम में करीब डेढ़ साल से मरम्मत कार्य जारी है। प्रशिक्षकों व खिलाड़ियों का कहना है कि जिले में एक मात्र एस्ट्रोटर्फ मैदान यही है और यहां पर भी खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं नहीं है। मरम्मत कार्य के चलते लंबे समय तक खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित चल रहा था। ऐसे में मरम्मत कार्य के बीच ही उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया है। अधूरी सुविधाओं के बावजूद खिलाड़ियों को अभ्यास कराना पड़ रहा है। मैदान पर लगाई गई स्प्रिंकलर गन के गड्ढों को भरा तक नहीं गया है। मैदान में सबमर्सिबल लगने का कार्य होना है। इसके लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। मैदान में सबमर्सिबल की पानी की मोटर फंस गई थी, जिसकी वजह से बजट बढ़ गया है। मैदान पर टर्फ की सिलाई व सफाई का कार्य पानी के टैंकर मंगवा कर करा दिया गया है। मैदान पर अब बस सबमर्सिबल लगाया जाना है।
मैदान ने दिए देश को शानदार खिलाड़ी
हॉकी मैदान पर अभ्यास कर गांव कुराड़ के सुमित कुमार ओलंपिक कांस्य पदक तक का सफर तय कर चुके हैं। सुमित इस मैदान पर अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए पसीना बहाते थे। अभिषेक नैन भी इसी मैदान पर खुद को तराशा करते थे। अब सुमित व अभिषेक पेरिस ओलंपिक में देश को कांस्य दिला चुके हैं। वहीं महिला हॉकी की स्टार खिलाड़ी नेहा गोयल, निशा वारसी, मोनिका व ज्योति भी इसी मैदान पर अभ्यास करती थीं। अब खिलाड़ी मैदान के दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
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खेल परिसर में बने हॉकी मैदान को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मैदान पर पानी के छिड़काव के लिए छह स्प्रिंकलर गन लगा दी गई है। साथ ही एस्ट्रोटर्फ की सिलाई व सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है। जल्द ही मैदान में सबमर्सिबल लगाया जाएगा।
- मनोज कुमार, जिला खेल अधिकारी, सोनीपत