सोनीपत। केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे की हालत बदतर होती जा रही है और जगह-जगह सड़क टूटकर बिखर चुकी है। जिससे वाहनों के एक्सल तक गड्ढों में टूट रहे हैं। वाहन चालकों के लिए केएमपी अब आफत बनता जा रहा है। खासकर गोल चक्र के पास इसके टूटकर बिखरने से इस हाईटेक हाईवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से साल भर पहले उद्घाटन कराकर इसे शुरू किया गया था। केपीएम पर यात्रा करने के दौरान भारी टोल टैक्स देने के बावजूद यहां स्तरीय सुविधा भी नहीं मिल रही हैं। अब कोहरे में हाईवे के गड्ढे नहीं दिखने से यहां बड़े हादसे का भय बना हुआ है।
केएमपी का शिलान्यास पत्थर वर्ष 2003 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था, लेकिन इसका काम वर्ष 2006 में शुरू हो सका। उस समय काम पूरा करने का समय चार साल तय किए गए थे। लेकिन इसे बीच में रोक दिया गया था। इसका दोबारा से 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने केजीपी के साथ शिलान्यास किया था और इसका काम शुरू हो सका था। इसको पलवल से मानेसर तक वर्ष 2016 में शुरू कर दिया गया था, लेकिन मानेसर से कुंडली तक 19 नवंबर 2018 को शुरू किया गया। यह एक्सप्रेस-वे सोनीपत में कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खरखौदा, बहादुरगढ़, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होता है, जिसपर 1500 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए गए हैं। इसका पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करते ही इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था। अब इस हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इस कारण ही वाहन चालकों की जान को खतरा बना हुआ है। खासकर बीसवां मील के पास बनाए गए गोलचक्र पर तो हालात बदतर हो गए हैं। जिससे वाहन चालक परेशान हैं।
कोहरे में विकट होगी स्थिति
कोहरे में यहां स्थिति विकट हो जाएगी। कोहरे में गड्ढे नहीं दिखने पर वाहन चालक के साथ बड़ा हादसा होने का भय बना रहेगा। एक्सप्रेस-वे पर बने गहरे गड्ढों से कोहरे में वाहन चालकों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर वाहन चालकों में भी रोष पनप रहा है।
एक्सप्रेस-वे पर टूट रहे एक्सल
केएमपी एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों की स्थिति इस कदर बदतर है कि यहां भारी वाहनों के एक्सल तक टूट जाते हैं। एक्सेल टूटने वाहन हाईवे पर फंस रहे हैं। जिससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। क्रेन बुलाकर इन वाहनों को हटाना पड़ रहा है। जिससे वाहन चालकों को दोहरा नुकसान हो रहा है।
एक्सप्रेस-वे पर पथ प्रकाश भी नहीं
हाईवे पर स्थिति विकट हो चुकी है। इस एक्सप्रेस-वे के बारे में जितना सुना था यहां हालात उसके विपरीत है। हाईवे पर कई जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिससे वाहन क्षतिग्रस्त होने का भय बना रहता है। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर पथ प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है। जिससे हादसे होने का डर सताता रहता है।
-हरीश खत्री, गुरुग्राम
केएमपी एक्सप्रेस-वे पर हालात बहुत ज्यादा बदहाल है। केएमपी पर कोहरे के कारण हर समय हादसा होने का भय बना रहता है। लाइट का बेहतर प्रबंध नहीं है। सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ठेकेदार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। गड्ढों के साथ जहां रैंप बने हैं, वहां गाड़ी पलटने का भय बना रहता है। इस एक्सप्रेस-वे की देखरेख को लेकर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
-सुनील सरोहा, प्रधान, ट्यूलिप सोसाइटी सोनीपत।
केएमपी एक्सप्रेस-वे जब बनाया था तो काफी बेहतर था, लेकिन अब तो यहां हालत बिगड़े हुए हैं। हाईवे पर गति सीमा 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है, लेकिन इस एक्सप्रेस-वे तो 80 किलोमीटर की गति से चलना भी मुश्किल हो रहा है। साथ ही अब कोहरा शुरू हो गया, जिसमें लोगों की जिंदगी जाने का भय बना रहेगा। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। टोल टैक्स देने के बावजूद यहां कोई सुविधा नहीं है। वाहन टूट रहे हैं। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
धर्मपुरा, राजपुरा, पंजाब
केएमपी पर टूटी सड़क को जल्द ठीक कराया जाएगा। निरीक्षण करने के बाद यहां स्थिति में सुधार को पहल शुरू हो गई है। जल्द केएमपी को पहले की तरह से बेहतर किया जाएगा। वाहन चालकों को परेशानी से बचाने को हरसंभव पहल की जाएगी।
-सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी
केएमपी गोलचक्र के पास टूटकर बिखरी सड़क।- फोटो : Sonipat