फोटो :24: सोनीपत के घसौली स्थित फैक्टरी में जांच करने पहुंची कृषि विभाग की टीम। स्रोत कृषि विभा
सोनीपत। रबी सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को उच्च गुणवत्ता का कीटनाशक उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विभाग ने कीटनाशक की गुणवत्ता जांचने के लिए अभियान शुरू किया है। इसके तहत पहले दिन बुधवार को डिप्टी डायरेक्टर फरीदाबाद डॉ. शालू और सोनीपत कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने घसौली सहित विभिन्न क्षेत्रों में कीटनाशक बनाने वाली फैक्टरियों पर छापे डाले।
अभियान के दौरान टीम ने 15 सैंपल लिए। दो सैंपल फरीदाबाद टीम और 13 सैंपल सोनीपत कृषि विभाग की तरफ से लिए गए। सभी सैंपलों को अलग-अलग लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग का यह अभियान तीन दिन तक चलेगा। पहले दिन फैक्टरियों पर फोकस रहा जबकि अगले दो दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापे डाले जाएंगे।
डीएसआर सर्वे के लिए पंचकूला से पहुंची टीम
कृषि विभाग के कीटनाशक जांच अभियान के साथ ही पंचकूला मुख्यालय से आई टीम ने बुधवार को धान की सीधी बिजाई का भौतिक सत्यापन किया। सोनीपत कृषि विभाग और पंचकूला टीम ने अगवानपुर, ग्यासपुर, दुभेटा, उमेदगढ़ सहित गन्नौर व राई ब्लॉक के गांवों में जाकर धान के खेतों का निरीक्षण किया।
धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 4,500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाता है। अनुदान जारी करने से पहले खेतों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। इस बार सोनीपत जिले में 20 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर सीधी बिजाई की गई है।
बुधवार को धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के खेतों का भौतिक सत्यापन किया गया। वहीं, कीटनाशक गुणवत्ता जांच अभियान के तहत फैक्टरियों से 15 सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।