सोनीपत। मौसम में आए बदलाव से जिला शीतलहर की चपेट में है। लगातार चौथे दिन आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन कोई राहत नहीं दे सकी। शीतलहर चलने से न्यूनतम तापमान में दो डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी हवा ने ठंड को बढ़ा दिया है। अब कोहरा लोगों के लिए मुसीबत बन सकता है।
शुक्रवार और शनिवार को औसतन 41 एमएम बारिश के बाद तीन से पूर्वी हवा चलने से वातावरण में नमी बनी हुई थी। बारिश की वजह से भले ही अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई थी, लेकिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक पहुंच गया था। रविवार रात को हवा का रुख फिर से बदल गया। सोमवार को पश्चिमी हवा चलने से ठंड और अधिक बढ़ गई। दिन में थोड़ी देर के लिए चौथे दिन सूर्य ने दर्शन दिए। थोड़ी देर धूप निकलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9.8 दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 13.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलती रही। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों पर असर पड़ा है, शीतलहर चलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना होगा।
अब कोहरा बढ़ाएगा मुसीबत
सोमवार दोपहर तक आसमान में बादल छाए हुए थे। लेकिन उसके बाद आसमान साफ होने लगा। ऐसे में अब मंगलवार को जिलावासियों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। वातावरण में नमी की मात्रा काफी अधिक है। विशेषज्ञों की मानें तो अब शीतलहर, कोहरा एक साथ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। दृश्यता क्षमता सुबह के समय 20 मीटर तक सिमट सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में वाहन चालकों की परेशानी बढ़ सकती है।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर अब समाप्त हो गया है। हवा का रुख भी एक बार फिर से पश्चिमी हो गया है। इसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में दिखाई देगा। कोहरा पड़ने का अनुमान है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, केवीके सोनीपत
-फोटो 51 : अलाव सेंककर सर्दी दूर भगाने का प्रयास करते लोग। संवाद