फोटो 28- सोनीपत के हैबिटेट क्लब स्थित पटवारखाने में लोगों के काम करते पटवारी। संवाद
सोनीपत। द रेवेन्यू पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारी दो दिन और काले बिल्ले लगाकर काम करते हुए अपना रोष व्यक्त करेंगे। बुधवार को पटवारियों और कानूनगो ने काले बिल्ले लगाकर काम किया और रोष स्वरूप अतिरिक्त कार्य करने से इनकार कर दिया, जिससे लोगों के काम नहीं हो पाए। अपने जमीनी संबंधी काम करवाने पहुंचे लोगों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।
द रेवेन्यू पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सन्नी दहिया ने बताया कि जिले में 74 पटवारी व 20 कानूनगो कार्यरत हैं। 16 जनवरी को सरकार ने एक एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा नामों की सूची जारी की थी, जिसमें सोनीपत के 41 पटवारियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार किसी एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पटवारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना असंवैधानिक है। पटवारियों की मांग है कि मामले की विभागीय जांच करवाई जाए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पटवारी व कानूनगो वेतन, एसीपी, एलटीसी संबंधित मांग को लेकर भी संघर्षरत हैं। मांगे पूरी नहीं होने पर रोष स्वरूप पटवारियों ने एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार तक बाजू पर काली पट्टी बांधकर काम किया और अपना रोष जताया। बुधवार को हैबिटेट क्लब स्थित पटवारखाने में कार्यरत चार पटवारियों में दो के कार्यालय बंद मिले। पटवारी नीरज ने बताया कि उनके पास सांदल कलां का चार्ज है, साथ ही गांव ककरोई व भदाना का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इन गांवों के कुछ लोग अपने जमीनी संबंधी काम कराने आए थे, जिन्हें इनकार कर वापस भेज दिया है।
जिला प्रधान सन्नी दहिया ने बताया कि एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि दो दिन और इसी प्रकार काम करते हुए काली पट्टी बांध अपना रोष जताएंगे। साथ ही कोई भी पटवारी अतिरिक्त कार्यभार के काम नहीं करेंगे। ऐसे में लोगों को अपने कामों के लिए दो दिन और इंतजार करना पड़ेगा।