कोरोना का प्रकोप बढ़ने से ऑक्सीजन की कमी हो रही है और मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर भर्ती नहीं किया जा रहा है, जिससे मरीजों को उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो रही है। इन हालात को देखते हुए ही प्रशासन ने मुरथल यूनिवर्सिटी में 50 बेड के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई है और वहां मंगलवार से 50 मरीजों को भर्ती करना शुरू किया जाएगा। ऑक्सीजन की कमी दूर होने पर ज्यादा बेड पर मरीज भर्ती होंगे। अधिकारियों का दावा है कि इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
जिले में नागरिक अस्पताल, बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां के अलावा आठ प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार किया जाता है और इन अस्पतालों में मरीजों को भर्ती किया जाता है, लेकिन कोरोना के मरीज बढ़ने से यहां ऑक्सीजन की किल्लत हो रही है और इसलिए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। हालात यह हैं कि मरीज की हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन उनको नागरिक अस्पताल लेकर जाते हैं तो वहां भर्ती नहीं किया जाता है और वे तड़पते रहते हैं। इस तरह का मामले रोजाना सामने आ रहे हैं और इसकी शिकायत भी अधिकारियों के पास पहुंच रही है। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में प्रशासन ने 900 बेड को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर लिया है। इनमें से 50 पर शुरुआत में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाएगी और इस तरह मंगलवार से वहां मरीजों को भर्ती करना शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि ऑक्सीजन में बढ़ोतरी के आधार पर यूनिवर्सिटी में ज्यादा बेड पर मरीज भर्ती करने शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्जन
मुरथल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में 900 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहां मरीज इसलिए भर्ती नहीं किए जा रहे थे, क्योंकि वहां ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी। लेकिन अब वहां मंगलवार से 50 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था होगी और वहां 50 मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। उसके बाद ऑक्सीजन बढ़ती है तो उसके आधार पर ज्यादा बेड पर मरीज भर्ती किए जाएंगे।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी