अस्पताल में जांच रिपोर्ट लेने के लिए काउंटर के पास बैठी महिलाएं
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। नागरिक अस्पताल से पैथोलॉजिस्ट के तबादले होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में सोमवार को खून की जांच रिपोर्ट लेने के लिए मरीज तीन घंटे तक भटकते रहे। पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नहीं होने से 300 से ज्यादा जांच रिपोर्ट अटक गईं। रिपोर्ट नहीं मिलने से परेशान होकर मरीजों ने अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात की। इसके बाद उप चिकित्सा अधीक्षक ने लैब का निरीक्षण कर मैनुअल जांच रिपोर्ट जारी करने करने की बात कही, जिसके बाद कर्मियों ने कागज पर रिपोर्ट लिखकर मरीजों को दी। गौर हो कि अस्पताल से दोनों पैथोलॉजिस्ट का तबादला हो चुका है, जिससे यह समस्या बढ़ती दिख रही है।
अस्पताल में रोजाना की तरह सोमवार को गर्भवती महिलाएं, मरीज व उसके तीमारदार लैब पर जांच रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें पैथोलॉजिस्ट के तबादला होने की बात कहते हुए रिपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया। करीब तीन घंटे तक गर्भवती महिलाएं व मरीज जांच रिपोर्ट लेने के लिए भटकते रहे। मरीजों ने उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिन्नी लांबा को शिकायत दी। इसके बाद उप चिकित्सा अधीक्षक करीब 12 बजे लैब में पहुंचे और लैब टेक्नीशियनों से मैनुअल रिपोर्ट जारी करने को कहा। इसके बाद दो कर्मचारियों को खिड़की पर लगाया गया और हाथों से बिना हस्ताक्षर किए जांच रिपोर्ट तैयार कराकर मरीजों को उपलब्ध कराई।
एक का 25 दिन पहले और दूसरे का 4
नागरिक अस्पताल से 25 दिन पहले ब्लड बैंक के इंचार्ज पैथोलोजिस्ट डॉ. संजय वर्मा का तबादला करनाल हो गया था, जिसके बाद से ब्लड बैंक लैब टेक्निशियन के भरोसे चल रहा था। वहीं दूसरे पैथोलॉजिस्ट डॉ. विकास का तबादला चार दिन पहले रोहतक कर दिया गया। पहले पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर होने के बाद मरीजों को ई उपचार सॉफ्टवेयर से जांच रिपोर्ट जारी की जाती थी, लेकिन अब पैथोलोजिस्ट नहीं होने के कारण अस्पताल में रोजाना होने वाली 200 से ज्यादा जांच रिपोर्ट कराई जाती है। शुक्रवार और शनिवार की रिपोर्ट होने के कारण रिपोर्ट का आंकड़ा 300 से ज्यादा था।
अस्पताल से पैथोलॉजिस्ट का तबादलना होने से सोमवार सुबह मरीजों को जांच रिपोर्ट जारी नहीं हुई। मामला संज्ञान में आने पर कर्मियों को मैनुअल जांच रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि मरीजों व उसके तीमारदारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट नियुक्त करने के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. गिन्नी लांबा, उप चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल