सोनीपत। निजी स्कूल संचालकों की मनमानी से परेशान अभिभावकों ने जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में सोमवार को सेक्टर-14 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। जिला पार्षद ने सिर पर किताबें-कॉपियां रखकर प्रशासन और विभाग के मौन रहने पर रोष जताया। साथ ही सरकार, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद जिला पार्षद ने अभिभावकों के साथ मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया को ज्ञापन सौंपा।
जिला पार्षद संजय बड़वासनी, ऋतुराज, युधिष्ठिर, संदीप, प्रदीप, जोगिंद्र ने कहा कि प्रदेशभर के निजी स्कूलों की लगातार मनमानी बढ़ती जा रही है। सभी स्कूलों में शिक्षा को व्यापार बनाकर अलग-अलग फीस के रूप में अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। नए-नए लेखकों की पुस्तकें, अलग-अलग वर्दी, दाखिला, भवन फंड के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मांग की कि निजी स्कूलों में चल रही मनमानी को बंद करवाया जाए। अभिभावकों के साथ लूटपाट बंद करवाई जाए। बड़वासनी ने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा व सुविधा देने का गुणगान करती है और दूसरी तरफ अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली कर उनकी जेब पर डाका डाला जा रहा है। मजबूरन अभिभावक स्कूल संचालकों की सभी मांग मानने के लिए मजबूर हैं। यह अभिभावकों के साथ अन्याय है।
एक जैसा पाठ्यक्रम, वर्दी व किताबों का हो प्रावधान
अभिभावक राजवीर, संदीप, सुरेश, जयवीर, अनिल, मनदीप ने कहा कि प्रदेशभर में कक्षा अनुसार एक जैसा पाठ्यक्रम, एक वर्दी व एक ही तरह की किताबों का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व शिक्षा विभाग की शह पर ही निजी स्कूलों की लूट-खसोट बढ़ती जा रही है। वहीं, कई राजकीय विद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। शिक्षकों की कमी व भवनों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। ऐसे में मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने से वंचित हो रहे हैं।
किताब, वर्दी व शिक्षण सामग्री का कर रहे व्यापार
अभिभावक जगमहेंद्र, राजेश, सुंदर, सुशील, जगविंद्र, गुलशन ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई व लूट के कारण मध्यम परिवारों के बच्चों का निजी स्कूला में दाखिला करवाना सपने के समान होने लगा है। निम्न वर्ग की छोड़ों मध्यम वर्गीय परिवार तक निजी स्कूलों की मनमानी को नहीं सह पा रहे हैं। स्कूल प्रबंधकों की ओर से ही कॉपी-किताब, वर्दी व शिक्षण सामग्री का व्यापार किया जा रहा है। अगर सरकार व शिक्षा विभाग ने इस पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो अभिभावक अपना विरोध तेज करेंगे।
फोटो 01- सोनीपत के सेक्टर-14 स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर निजी स्कूलों की मनमानी को ले- फोटो : kathua