सोनीपत। प्रदेश में शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सोनीपत में दूसरे दिन भी ठप रही। मंगलवार को किसी भी तहसील में एक भी टोकन नहीं कटा। केवल एक प्रॉपर्टी मालिक के दस्तावेज अपलोड हुए, जिन्हें 6 नवंबर का समय मिला है। लगातार दूसरे दिन रजिस्ट्री प्रक्रिया ठप रहने से सरकारी राजस्व पर असर पड़ा है।
तहसील परिसर सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले विभागों में गिना जाता है, लेकिन वह मंगलवार को भी वीरान रहा। डीड राइटर और स्टाम्प विक्रेता पूरे दिन खाली बैठे रहे। सरकारी पोर्टल बार-बार सर्वर एरर दिखा रहा था, जिससे आवेदक परेशान होकर लौट गए। जानकारों का मानना है कि जिले में रोजाना करीब 400 रजिस्ट्री होती हैं, जिनसे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
पुरुष के नाम पर रजिस्ट्री पर 7 प्रतिशत और महिला के नाम पर 5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी देनी होती है। दो दिनों से कोई रजिस्ट्री न होने के कारण यह राजस्व पूरी तरह थम गया है।
वसीका नवीस और स्टाम्प विक्रेता परेशान
रजिस्ट्री बंद रहने से वसीका नवीस और स्टाम्प विक्रेताओं पर भी असर पड़ गया है। तहसील के बाहर लगे खोखे और दुकानों पर सन्नाटा पसरा है। कई डीड राइटर दिनभर इंतजार के बाद खाली हाथ लौट गए।
तकनीकी खामियां बनी बाधा
पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम में डेटा सिंक्रोनाइजेशन और ओटीपी वेरिफिकेशन जैसी तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इन्हें ठीक करने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। पुराने सिस्टम को समानांतर रूप से चालू नहीं रखा गया है, जिससे आवेदकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्या है पेपरलेस रजिस्ट्री
राज्य सरकार ने हरियाणा को देश का पहला राज्य घोषित किया है, जहां पेपरलेस रजिस्ट्री लागू की गई है। इस प्रणाली में दस्तावेज अपलोड से लेकर भुगतान और स्लॉट बुकिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। केवल अंतिम डिजिटल सत्यापन और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए आवेदक को तहसील कार्यालय आना होगा।
दूसरे दिन भी पेपरलेस रजिस्ट्री नहीं हो सकी। एक प्रॉपर्टी मालिक के दस्तावेज अपलोड हुए, जिन्हें 6 नवंबर का समय मिला है। आशा है उस दिन सोनीपत की पहली पेपरलेस रजिस्ट्री हो पाएगी।
- कीर्ति, तहसीलदार, सोनीपत।
फोटो :42: सोनीपत तहसील परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद