संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। मानव अधिकार संरक्षण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त नेहा सिंह को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितता, सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड परीक्षाओं में रीचेकिंग व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए छात्रों की आयु सीमा में विशेष छूट की मांग की है।
संघ के पदाधिकारी जयवीर गहलावत ने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लगातार पेपर लीक के मामलों ने देश के लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। इससे विद्यार्थियों की परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हुआ है। अभिभावकों में गहरा असंतोष है।
संघ ने विशेष रूप से उन छात्रों का मुद्दा उठाया जिन्होंने परीक्षा संबंधी अनिश्चितता, मानसिक तनाव एवं भविष्य की चिंता के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाया। संघ का मानना है कि ऐसे मामलों को केवल आत्महत्या नहीं कहा जा सकता।
यह परीक्षा प्रणाली की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर परिणाम है इसलिए सरकार को ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी या न्यायालयी विवादों के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष आयु सीमा छूट प्रदान की जाए ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।
संघ ने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया कि जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनता से मिलने का जो समय निर्धारित किया गया है, उस दौरान अनावश्यक बैठक न की जाए। जनता को अधिकारियों से मिलने के लिए के लिए काफी प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
इस दौरान राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. योगी मलिक, शिक्षाविद् दिलबाग सिंह, पहलवान हवा सिंह आंतिल, बिजेंद्र दहिया, सुशील गोयल, जगबीर आंतिल भी मौजूद रहे।