जिला परिषद की चौधर के लिए भाजपा और इनेलो में सीधी टक्कर हो सकती है। क्योंकि दोनों दल अपना-अपना चेयरमैन बनाने का न केवल दावा कर रहे हैं, बल्कि रणनीति को अमलीजामा भी पहनाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को उस समय कुमारी आरती बरौणा के भाजपा की तरफ से चेयरमैन की संभावना को ज्यादा बल मिला, जब वे शाम को कैबिनेट मंत्री कविता जैन के कार्यालय पहुंचीं और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन से मुलाकात की। भाजपा नेताओं का दावा है कि एक और महिला पार्षद ने उनसे मुलाकात की है। हालांकि उस महिला जिला पार्षद के पति ने जानकारी होने से इंकार कर किया है।
गौरतलब है कि जिला परिषद का चुनाव बसपा को छोड़कर किसी भी दल ने अपने चिन्ह पर नहीं लड़ा था। बसपा तीनों सीटों हार गई। खास बात यह है कि जिला परिषद का चुनाव जीतने वाले सभी प्रत्याशी नए हैं, जिनमें आजाद प्रत्याशियों की संख्या आधे से ज्यादा है। जबकि चेयरमैन का पद एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। खास बात यह है कि इसी वर्ग से तीन महिलाएं जीतकर आई हैं। जिसमें वार्ड-एक से मीना गढ़वाल, पांच से सुमन बुटाना और 19 से कुमारी आरती बरोणा। तीनों में से एक महिला का चेयरमैन बनना तय है। खास बात यह है कि तीनों दावेदार खुलकर एक पार्टी का नाम नहीं ले रहे। तीनों देखों और इंतजार करने की स्थिति में हैं। इसका कारण भी साफ है, क्योंकि कोई भी दल अकेले अपने दम पर चेयरमैन बनाने की स्थिति में नहीं है।
एक-दूसरे का दिल टटोल रहे नेता और विजेता
जिप की चौधर के लिए सियासी नेता एक-दूसरे का दिल टटोल रहे हैं। सियासी दलों ने अपने खास नेताओं को पहले तो तीनों दावेदार महिलाओं के परिवारों से संपर्क साधने के लिए लगाया है। आखिर कौन दावेदार महिला पार्टी के झंडे के साथ चेयरमैन बनना स्वीकार करती है। दूसरी तरफ विजेता जिला पार्षद भी नेताओं के दिल टटोल रहे हैं। देख रहे हैं कि उनको किस पाले में जाने पर कितना फायदा होगा। हालांकि व्यावहारिक तौर पर अपने वार्ड में जाकर लोगों का धन्यवाद करने में जुटे हैं।
भाजपा का सिपाही हूं और रहूंगा
जिला परिषद चुनाव में वार्ड नंबर सात से विजयी संजय ने बताया कि वे भाजपा खानपुर मंडल की युवा इकाई के महामंत्री हैं। वार्ड में शामिल सभी 10 गांवों ने मेरी मदद की है। इसके चलते विजयी मिली है। जीत में भाजपा जिलाध्यक्ष डाक्टर धर्मवीर नांदल और मंडल अध्यक्ष बलजीत मलिक की अहम भूमिका रही।
इनेलो: पिछली बार पांच के दम पर हासिल की थी चेयरमैनी, अबकी बार तो हमारे आठ हैं
इनेलो जिलाध्यक्ष पद्म सिंह दहिया का कहना है कि पिछली बार जिप चुनाव में इनेलो के पांच प्रत्याशी ही जीतकर आए थे, लेकिन इसके बावजूद आजाद प्रत्याशियों के साथ मिलकर चेयरमैन की कुर्सी हासिल की थी। अबकी बार तो आठ के करीब इनेलो कार्यकर्ता या समर्थक चुनकर आए हैं। इस बार तो राह और भी आसान है।
भाजपा : थोड़ा टाइम तो दो, जिप का चेयरमैन अपना होगा
भाजपा जिला अध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर नांदल का कहना है कि जिला परिषद का चेयरमैन भाजपा का होगा। बस थोड़ा समय दीजिए। क्योंकि ज्यादातर भाजपा समर्थक जिला पार्षद जीते हैं। नाम पूछने पर जिला अध्यक्ष ने कहा कि जल्द ही 15 के करीब जिला पार्षद खुलकर सामने आ जाएंगे।
कांग्रेस : हालत पर रखे हैं नजर, समय आने दो
गोहाना से कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक का कहना है कि जिप चुनाव में कई कांग्रेसी चुनाव जीते हैं। अभी तो सरकार ने चेयरमैन के चयन के लिए नोटिफीकेशन भी जारी नहीं किया है। समय आने पर कांग्रेस अपने पत्ते खोलेगी। तीनों महिला दावेदारों में एक भी भाजपा से संबंधित नहीं रही हैं।
तीनों महिला दावेदारों ने साधी चुप्पी
सरकार ने जिला परिषद चेयरमैन का पद एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित कर रखा है। जिप चुनाव में वार्ड एक से मीना गढ़वाल, पांच से सुमन बुटाना व 19 से आरती बरौणा एससी वर्ग से जीतकर पहुंची हैं। तीनों में से एक का चेयरमैन बनना तय है। पूछने पर मीना के पति मनीष ने बताया कि वे बाहर हैं। फिलहाल इतना ही कहना है कि निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की है। इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं कहना। वहीं आरती के पिता जरनैल सिंह ने केवल इतना कहा कि उसकी बेटी चेयरमैन जरूर बनेगी। इससे ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी।