राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में ओस्टिज कोटे के तहत ड्रा निकालने के मामले में हुडा की पिछले लगभग दो सालों से फजीहत हो रही है। कभी तो पात्र लोगों की लिस्ट गलत तैयार कर दी जाती है। कभी प्लॉट के साइज को लेकर दिक्कत पैदा होती है। अब इन्हीं प्लॉटों को लेकर हुडा अधिकारियों पर हाईकोर्ट की अवमानना का फंदा लटक रहा है। हाईकोर्ट ने दूसरी बार हुडा के लिए प्लॉटों का ड्रा निकालने के लिए डेडलाइन जारी की थी, लेकिन हुडा अबकी बार भी इस डेडलाइन तक ड्रा नहीं निकाल पाया है। शुक्रवार तक ड्रा की तारीख के संदर्भ में कोई सूचना प्रशासक कार्यालय से जारी नहीं हो पाई थी। 30 जनवरी को शनिवार और 31 जनवरी को रविवार है। ऐसे में अब 1 फरवरी को ही कार्यालय खुलेगा। ऐसे में यह संभव नहीं है कि हुडा 31 जनवरी तक ओस्टिज कोटे के प्लॉटों का ड्रा निकाल पाएगा। बता दें कि 31 जनवरी की डेडलाइन जारी करते हुए हाईकोर्ट ने हुडा को इस तारीख तक ड्रा नहीं निकालने प र अवमानना की चेतावनी दी थी।
ये है मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। नियमों के अनुसार जिन लोगों की जमीन हुडा अधिग्रहीत करता है, उन लोगों को प्लॉट दिए जाते हैं। पहले यह नियम था कि 75 प्रतिशत से अधिक जमीन अधिग्रहीत होने पर ही प्लॉट मिलते थे। हालांकि हुडा की ओर से आरजीईसी के लिए नई नीति जारी करते हुए सभी लोगों को प्लॉट देने की घोषणा की गई थी। 2006 में जमीन अधिग्रहण के 10 साल बाद तक हुडा इस जमीन के बदले ओस्टिज कोटे के प्लॉट नहीं दे पाया। वर्ष 2013 में कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में प्लॉटों का ड्रा निकलवाने को लेकर केस भी कर दिया था।
पहले भी दी थी डेडलाइन
बता दें कि केस डालने के बाद हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2015 की डेडलाइन हुडा को दी थी। उस समय भी हुडा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि अगस्त से पहले-पहले ड्रा निकाल दिए जाएं। हुडा की ओर से आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन जब हुडा ऐसा करने में सफल नहीं रहा तो मामले को लेकर अदालत ने दिसंबर में सुनवाई करते हुए 31 जनवरी की डेडलाइन तय की। साथ ही यह भी कहा था कि अगर 31 जनवरी तक प्लॉटों का ड्रा नहीं निकाला गया तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।
पंचायत चुनाव के चलते हुई दिक्कत
ड्रा की तारीख शायद 31 जनवरी से पहले फाइनल भी जो जाती, लेकिन बीच में आए पंचायती चुनावों के कारण दिक्कत पैदा हो गई। पहले से कर्मचारियों की मार झेल रहे हुडा पर चुनावी ड्यूटी का भी बोझ आ गया। जिसके कारण ड्रा को लेकर अधिक काम नहीं हो सका। ये ही नहीं दिसंबर माह में ही संपदा अधिकारी का भी तबादला हो गया, जिसके चलते काम 5-7 दिन पीछे चला गया।
अब क्या है स्थिति
अब मौजूदा स्थिति की बात करें तो हुडा सोनीपत संपदा कार्यालय की ओर से सब कुछ फाइनल है। 1088 आवेदनकर्ताओं की सूची तो पहले ही फाइनल कर ली गई थी। उसके बाद 60 लोगों की सूची और बनाकर दी गई थी। जिस पर अभी प्रशासक, रोहतक मंडल द्वारा मुहर लगनी बाकि है। इसी के साथ-साथ ड्रा की तारीख के लिए भी फाइल हुडा प्रशासक कार्यालय में है।
हमारी तैयारी पूरी है। सिर्फ ड्रा की तारीख फाइनल होना बाकी हैै। जैसे ही तारीख फाइनल होगी, वैसे ही ड्रा का काम कराया जाएगा। माननीय अदालत के आदेशों के अनुसार ही हम काम कर रहे हैं।
-विजय राठी, संपदा अधिकारी, हुडा सोनीपत।