समाज कल्याण शिक्षा समिति की ओर से बुधवार को 15वां अंगदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में 16 लोगों ने मरणोपरांत पूर्ण शरीर दान, जबकि 17 लोगों ने अंगदान के लिए के लिए आवेदन किया। समिति के प्रधान आनंद कुमार ने सभी को अंगदान के फायदों से अवगत कराया।
प्रधान आनंद कुमार ने बताया कि आज सरकार की ओर से अंगदान दिवस की 15वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मानव अंगों के नहीं मिलने के कारण करीब 5 लाख लोगाें की मृत्यु हो जाती है, साथ ही सड़क दुर्घटना में भी कई लोग घायल हो जाते हैं। हमें ऐसे लोगों का जीवन बचाने व अंगदान करने के लिए आगे आना चाहिए। यह काफी महत्वपूर्ण विषय भी है। अब तक करीब 5000 से ज्यादा लोग मरने के उपरांत अपने अंग दान कर चुके हैं।
कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर जगत सिंह ने बताया कि मरने के बाद भी हमारा शरीर लोगों के काम आ सकता है। संस्था के सचिव राहुल गुलिया ने बताया कि 15वां भारतीय अंगदान दिवस हमें जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए प्रेरित करता है। संस्था ने जागरूकता के माध्यम से अब तक 26 लोगों के शरीर विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में दान करवाए हैं। कार्यक्रम में समिति की अधीक्षक सिवानी सरोहा, नर्सिंग अधिकारी सुमित बूरा, राहुल दहिया, राजेश कुमार, ममता सरोहा व निकिता व बंटी मौजूद रहे।