सोनीपत। शराब तस्करी का सिंडिकेट चलाने के आरोपी को उप मंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से तत्काल जमानत दिए जाने पर विवेचक ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका डाली थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बसवाना की कोर्ट ने याचिका मंजूर कर आरोपी की जमानत निरस्त करते हुए 24 नवंबर तक कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी ने गांव फिरोजपुर बांगर में अजय के परिसर से 568 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की थी। उस पर एक ही सीरियल नंबर था। अजय को गिरफ्तार कर खरखौदा थाना में 10 मार्च 2024 को शराब तस्करी व धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कराया था।
अजय से पूछताछ के बाद अन्य आरोपी जितेंद्र का नाम सामने आया था। पुलिस का दावा है कि जितेंद्र ने सिसाना निवासी भूपेंद्र को सिंडिकेट का हिस्सा बताया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन 17 अक्तूबर को भूपेंद्र ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। विवेचक की तरफ से आरोपी भूपेंद्र की पांच दिन की पुलिस रिमांड की मांग को कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए जमानत दे दी थी। इसके बाद विवेचक ने पुनरीक्षण याचिका डाली और तर्क दिया कि आरोपी भूपेंद्र ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
अदालत की अनुमति से पूछताछ करने पर उसने प्रकटीकरण बयान दर्ज कराया जिसके आधार पर उस स्थान का सीमांकन करने के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई जहां से उसका ड्राइवर प्रेम शंकर हल्द्वानी, उत्तराखंड से शराब लाता था। न्यायाधीश सरताज बसवाना ने पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली। आदेश दिया कि पुलिस रिमांड के आवेदन पर नए सिरे से विचार करने के लिए क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को वापस भेजा जाता है।
आरोपी भूपेंद्र को 24 नवंबर को क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। यदि आरोपी हिरासत में है तो संबंधित अतिरिक्त लोक अभियोजक इस आदेश के अनुपालन के लिए उसके पेशी वारंट के लिए आवेदन करेंगे। संवाद