फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat News: गुरुजी को आदेश-पहले पढ़ाओ फिर जनगणना करने जाओ

Wed, 06 May 2026 06:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो : सोनीपत शहर में मकानों का सूचीकरण कार्य में जुटे ​शिक्षक। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोनीपत। जनगणना करने के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है उन पर दोहरी मार पड़ रही है। शिक्षा निदेशालय के आदेश हैं कि शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही जनगणना करने के लिए जाएं।
शिक्षकों का कहना है कि दोपहर में उन्हें जनगणना करने में मदद नहीं मिल पाती है। शिक्षक गांवों में घरों के साथ खेताें में बने कमरों की भी मैपिंग कर रहे हैं। शिक्षा निदेशालय के आदेश हैं कि सरकारी स्कूलों में कक्षाओं का सुचारु संचालन हो। प्रत्येक शिक्षक की उपस्थित जरूरी है।
विज्ञापन

जनगणना ड्यूटी के कारण शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जिले में 2,500 से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल का समय सुबह साढ़े सात बजे से ढाई बजे तक है। इसके बाद उन्हें जनगणना करने के लिए फील्ड में जाना पड़ता है।
दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी की वजह से उनको जानकारी जुटाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सुबह के समय जनगणना करना संभव नहीं हो पाता है। उस समय उन्हें स्कूल में उपस्थित रहना अनिवार्य है। जनगणना के प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) शुरू कर रखा है।
जिलेभर में 3,500 से ज्यादा कर्मचारी जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। इनमें ये शिक्षक भी शामिल हैं। 150-200 मकानों का एक ब्लॉक बनाया गया है। उस ब्लॉक में प्रगणक मकानों का सूचीकरण कर रहे हैं।
एक शिक्षक के जिम्मे 150-200 घरों के सर्वे की जिम्मेदारी
प्रत्येक शिक्षक को 150-200 घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि कई बार घरों पर लोग नहीं मिलते जिससे बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करना और भी कठिन हो जाता है। उनका कहना है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के कारण उनके ऊपर कार्य का दबाव काफी बढ़ गया है।
विज्ञापन

वर्जन
जनगणना कार्य में करीब 2,500 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकतर शिक्षकों ने अपना मैपिंग कार्य पूरा कर लिया है। जल्द ही डिजिटल कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आपात स्थिति या ड्यूटी से अनुपस्थिति से निपटने के लिए 10 फीसदी प्रगणकों व सुपरवाइजरों को रिजर्व में रखा गया है। 30 मई तक मकानों का सूचीकरण किया जाना अनिवार्य है। -गौरव कुमार, जनगणना समन्वयक अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें