गोहाना। भारतीय शिक्षण मंडल हरियाणा के 57वें स्थापना दिवस पर भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में शिक्षा विभाग के सभागार में शिक्षा में रामत्व विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेन्द्र अनायत ने कहा कि असली शिक्षा वही है जो इंसान के अंदर त्याग, सत्य और अनुशासन के गुण पैदा करे। मुख्य वक्ता डॉ. विभूति गौड़ ने कहा कि आज के समय में शिक्षा में रामत्व बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम की शुरुआत अमित गुलेरिया ने ध्येय श्लोक गाकर की। इसके बाद दिलबाग शास्त्री ने भारतीय शिक्षण मंडल के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा में भारतीयता की बात कही।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलगुरु प्रो. सुदेश ने कहा कि रामत्व का मतलब है मर्यादा, धैर्य और संघर्ष को जीवन में अपनाना।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज के समय में भी राम के आदर्श बहुत प्रासंगिक हैं और इन्हें जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सुदेश ने की।
इस मौके पर संयोजिका प्रो. रीना रानी, डॉ. गोल्डी गुप्ता, अंकिता, प्रो. वरुणा तेहलान दहिया, प्रो. अनु बल्हारा सहित अन्य शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।