one of the twins died due to doctor's negligence
मुरथल। पीएचसी मुरथल में शनिवार को कुमासपुर की महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन लेकर पहुंचे तो महिला ने एक लड़की को जन्म दिया। इसके बाद दूसरा बच्चा नहीं हुआ तो चिकित्सक पर आरोप है कि उसने महिला के पति को नागरिक अस्पताल की जगह प्राइवेट हॉस्पिटल में लेकर जाने की बात कही। महिला को लेकर जाने लगे तो पीएचसी पर सरकारी एंबुलेंस का चालक नहीं मिलने से प्राइवेट गाड़ी दो घंटे में मिल सकी। इसके बाद युवक अपनी पत्नी को लेकर दो प्राइवेट हॉस्पिटल में गया, लेकिन वहां भर्ती नहीं किया गया तो वह तीसरे प्राइवेट अस्पताल में पत्नी को लेकर गया। जहां उसका ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब तक उसकी दूसरी बच्ची की मौत हो चुकी थी। युवक ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है और इस मामले में डीसी से शिकायत करने की बात कही है।
गांव कुमासपुर के रहने वाला सोनू अपनी पत्नी को प्रसव के लिए मुरथल पीएचसी पर लेकर गया था। उसकी पत्नी के गर्भ में दो बच्चे पल रहे थे। सोनू ने बताया कि पीएचसी पर तैनात चिकित्सक ने नॉर्मल डिलिवरी करने की बात की। जब चिकित्सक डिलीवरी कराने लगी तो महिला ने एक लड़की को जन्म दिया। लेकिन दूसरी लड़की नहीं हो सकी तो महिला चिकित्सक ने उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में लेकर जाने की बात कही। उसने कहा कि सोनीपत नागरिक अस्पताल में कोई डिलीवरी नहीं करेगा और बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में कोविड अस्पताल बना रखा है। आरोप है कि चिकित्सक ने चालक नहीं होने की बात कहकर सरकारी एंबुलेंस भेजने से मना कर दिया। सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने पर उसने प्राइवेट गाड़ी का प्रबंध किया जो उसे दो घंटे में मिल सकी। वहीं जिस प्राइवेट अस्पताल में पत्नी को लेकर गया तो वहां चिकित्सक ने डिलीवरी करने से मना कर दिया। इसके बाद वह दूसरे अस्पताल में गया तो वहां भी मना कर दिया। इसके बाद वह बस अड्डे के पीछे एक प्राइवेट अस्पताल में पत्नी को लेकर गया तो डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। जब तक ऑपरेशन किया गया, तब तक गर्भ में दूसरी लड़की की मौत हो चुकी थी।
डाक्टर पर लापरवाही का आरोप
सोनू कुमार ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी दूसरी बच्ची की मौत हो गई। उसे नागरिक अस्पताल में भेजने की बजाय प्राइवेट अस्पताल में भेजा गया। उसके बाद भी एक नवजात लड़की को नहीं बचाया जा सका। मुरथल पीएचसी पर एंबुलेंस की सुविधा होते हुए भी चिकित्सक ने चालक नहीं होने की बात कहकर प्राइवेट गाड़ी में महिला को लेकर जाने की बात कही। इस मामले में उसने डीसी से शिकायत करने की बात कही है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच कराने की बात कह रहे है।
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महिला के गर्भ में दूसरा बच्चा उलटा होने की वजह से रेफर किया गया। एसएमओ ने जांच करने के निर्देश दिए हैं। डिलीवरी के मामले में चिकित्सक व महिला के पति से पूछताछ की जाएगी।
-डॉ. संजीव गर्ग, पीएचसी मुरथल
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हर पीएचसी पर एंबुलेंस खड़ी है। चिकित्सक द्वारा प्राइवेट अस्पताल में रेफर करना गलत है। अगर चिकित्सक ने कोई लापरवाही की है तो एसएमओ के माध्यम से जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन