सोनीपत। जाजल रेनीवेल से दूषित पानी आने के कारण शहर की करीब डेढ़ लाख आबादी तीन दिन से साफ पानी के लिए तरस रही है। लोगों का आरोप है कि निगम अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
शनिवार को शहर के कुछ इलाकों में पानी पहुंचा, लेकिन उसमें भी गंदगी होने से लोगों को कैंपर खरीदना पड़ा। पानी दूषित होने की वजह से उसका रंग बदल गया है। लोगों ने निगम अधिकारियों से साफ पानी आपूर्ति करने की मांग की है।
नगर निगम की ओर दो दिन से खराब पानी की आपूर्ति की जा रही है। वीरवार व शुक्रवार को बूस्टिंग स्टेशनों के जरिए 20 से ज्यादा कॉलोनियों में दूषित पानी की आपूर्ति की गई। इससे लोगों को परेशानी हुई। लोगों ने इसके बारे में अधिकारियों को करवाया, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका।
शनिवार को मॉडल टाउन, इंदिरा काॅलोनी, प्रेम नगर, मोहल्ला कलां, धानक बस्ती, जमालपुरा, खटीक बस्ती में भी खराब पानी की आपूर्ति हुई। ऐसे में लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ रोष है। उन्होंने निगम अधिकारियों से साफ पानी की आपूर्ति करने की मांग की है।
गांव जाजल स्थित यमुना नदी से लेकर शहर तक पानी लाने के लिए करीब 25 किलोमीटर लोहे की पाइप लाइन बिछाई गई है। यह लाइन कई स्थानों पर ज्यादा नीचे होने के कारण उसमें पानी रुकने पर गंदगी जमा हो जाती है। रेत-मिट्टी अधिक होने के कारण बूस्टिंग स्टेशनों पर खराब पानी पहुंच जाता है। वीरवार को मॉडल टाउन, जानकीदास अस्पताल, धानक बस्ती, सेक्टर-12 बूस्टिंग स्टेशन से दूषित पानी पहुंचा। वहां से पानी की आपूर्ति कॉलोनियों में होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फोटो 02: सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पहुंचा रेनीवेल का दूषित पानी। संवाद
फोटो 02: सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पहुंचा रेनीवेल का दूषित पानी। संवाद
फोटो 02: सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पहुंचा रेनीवेल का दूषित पानी। संवाद
फोटो 02: सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित बूस्टिंग स्टेशन में पहुंचा रेनीवेल का दूषित पानी। संवाद