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बीपीएस महिला विवि में डेढ़ करोड़ रुपये गबन, रजिस्ट्रार समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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गोहाना। खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय में डेढ़ करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवि में मार्केट की दुकानों का किराया, बिजली बिल व फीस की रसीदों को हाथ से काटकर गड़बड़ी की गई। पिछले डेढ़ साल से चल रही रोहतक की सीएम फ्लाइंग टीम की जांच में यह खुलासा हुआ। इसके बाद विवि के रजिस्ट्रार, लेखाधिकारी समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बनाया नया सॉफ्टवेयर
बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की लेखा शाखा में वर्ष 2015 में सीमा मलिक की बतौर क्लर्क नियुक्ति हुई थी जो नकदी प्राप्ति की सीट पर बैठती थी। इस दौरान विवि में बनी मार्केट का किराया, स्टाफ क्वार्टर के बिजली बिल, विद्यार्थियों के फार्म की फीस, नौकरियों के आवेदन, आरटीआई, पेपर, डीएमसी फीस, विद्यार्थियों पर लगने वाले जुर्माना और लेट फीस के रूप में विवि को मिलने वाली नकदी प्राप्ति की रसीद हाथ से काटी जाती थी। इसके बाद वर्ष 2017 में विश्वविधालय में ऑनलाइन फीस जमा करनी शुरू कर दी गई। उस समय तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं कंप्यूटर असिस्टेंट अजय मलिक ने एक सॉफ्टवेयर बनाया, जबकि उस समय विवि में दो कंप्यूटर प्रोग्रामर थे। यह सॉफ्टवेयर उनके द्वारा ही बनाया जाना चाहिए था।
महिला लिपिक सॉफ्टवेयर से कर देती थी रसीदें डिलीट
आरोप है कि लिपिक सीमा मलिक वहां डाटा एंट्री ऑपरेटर अजय मलिक, फाइनेंस अधिकारी राजेश वर्मा से मिलकर रुपये का गबन करती थी। विश्वविद्यालय को मिलने वाली विभिन्न रसीदें सॉफ्टवेयर से काटी जाती थी। इसके बाद सीमा मलिक आवेदकों को रसीद निकाल कर दे देती थी और इसमें से कुछ रसीदें सॉफ्टवेयर में से डिलीट कर दी जाती थी। इस तरह विवि को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और इस रुपये का गबन कर लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने सीमा मलिक से 26 लाख रुपये की रिकवरी भी की थी। उसके बाद सरकार ने जांच सीएम फ्लाइंग रोहतक की टीम को सौंपी थी। इस मामले की जांच कर्मबीर सिंह कर रहे हैं।
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812 रसीदों का नहीं मिल रहा रिकॉर्ड, 29 बार लिख चुके पत्र : जांच अधिकारी
जांच अधिकारी कर्मबीर सिंह ने खानपुर कलां के महिला थाना पुलिस को भेजी शिकायत में बताया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी 812 रसीदों का रिकॉर्ड नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर रजिस्ट्रार डॉ. रितु बजाज को 29 बार पत्र दिए जा चुके हैं और अन्य अधिकारियों से संपर्क किया जा चुका है। जांच अधिकारी ने आरोप लगाया है कि रजिस्ट्रार रितु बजाज, लेखा अधिकारी राजेश मनोचा ने अपने कर्मियों सीमा मलिक लिपिक लेखा शाखा, राजेश वर्मा पूर्व लेखा अधिकारी, वेदप्रकाश दुआ अकाउंट ऑफिसर, अजय मलिक डाटा एंट्री ऑपरेटर को बचाने के लिए बदनियती से मिलीभगत करके रिकॉर्ड प्रदान नहीं कर रहे हैं। उनकी शिकायत पर रजिस्ट्रार समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व साजिश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीपीएस महिला विवि में धोखाधड़ी करने की सीएम फ्लाइंग की टीम की ओर से शिकायत मिली है। इस संबंध में रजिस्ट्रार, फाइनेंस अधिकारी समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - कर्मजीत सिंह, एसएचओ थाना सदर एवं कार्यवाहक एसएचओ महिला थाना
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