फोटो 28- सोनीपत स्टेशन परिसर में गुड़ मंडी की तरफ बना पुराना टिकट घर। संवाद
सोनीपत। अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत सोनीपत स्टेशन का जहां 29 करोड़ रुपये से पुनर्विकास चल रहा है वहीं 22 साल से बंद टिकट घर खस्ताहाल हो रहा है। रेलवे ने सोनीपत स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार पर गुड़ मंडी की ओर यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2000 में टिकट घर का निर्माण किया गया था मगर 3 साल संचालन के बाद उसे बंद कर दिया था। वहीं यात्री अब दोबारा टिकट घर का संचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
यात्री विकास कुमार, नरेश, संदीप, अंकित ने बताया कि गुड़ मंडी की तरफ यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट घर का निर्माण करवाया गया था लेकिन 22 साल से गुड़ मंडी की तरफ के यात्री इस सुविधा से वंचित हैं। सोनीपत स्टेशन को करोड़ों रुपये खर्च कर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं लेकिन दूसरी ओर शहर के दूसरे हिस्से के यात्रियों को टिकट लेने के लिए फुट ओवरब्रिज पार करना पड़ रहा है। कई बार यात्रियों को टिकट के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
अधिकारियों को कई बार दे चुके ज्ञापन
सोनीपत स्टेशन से करीब 40 हजार यात्री रोजाना दिल्ली व अंबाला रूट पर आवागमन करते हैं। सबसे ज्यादा यात्री गुड़ मंडी की तरफ से रोजाना आवागमन कर रहे हैं। सोनीपत-गोहाना-जींद रूट के यात्रियों के लिए पुराना टिकट घर पास पड़ता है। इसके बावजूद यात्रियों की सुनवाई नहीं हो रही है।
पुराने टिकट घर को दोबारा शुरू करवाने के लिए यात्रियों की ओर से विधायक व मेयर के माध्यम से दिल्ली रेल अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बावजूद रेल अधिकारियों ने पुराने टिकट घर के संचालन पर निर्णय नहीं लिया है।
सोनीपत स्टेशन पर दूसरी तरफ बने टिकट घर को यात्रियों की संख्या कम होने के कारण बंद करवाया गया है। फिलहाल पुराने टिकट घर के पुन: संचालन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अगर यात्रियों की मांग है तो उच्च अधिकारियों से विमर्श कर टिकट घर के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
-हिमांशु शेखर उपाध्याय, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दिल्ली रेल मंडल