सोनीपत। सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर मंगलवार को सालाना शहीदी समागम मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब में पाठ के बाद हजूरी बलजीत सिंह के जत्था व स्त्री सत्संग सभा ने शबद कीर्तन किया।
समागम में अतिथि के रूप में विधायक निखिल मदान, मेयर राजीव जैन, कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान की पत्नी मेघा दीवान ने शिरकत की। अतिथियों ने बताया कि धर्म, मानवता, सत्य, शांति व कश्मीरी पंडितों को धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए गुरु तेग बहादुर ने बलिदान का रास्ता चुना इसलिए वह पीढ़ी दर पीढ़ी अत्याचार के विरुद्ध अदम्य साहस के प्रतीक एवं धार्मिक स्वतंत्रता के महान संरक्षक के रूप में जाने जाएंगे।
दुनिया में प्रचलित धारणा है कि जब भी मानवता पर अत्याचार होता है तब धर्म की रक्षा के लिए कोई अवतार जन्म लेता है। गुरु तेग बहादुर ने जुल्म के खिलाफ खड़े होकर लोगों की रक्षा की और अपना शीश दान कर दिया। देर शाम गुरुद्वारा साहिब में अमृतसर श्री दरबार साहिब से ढाडी जत्था ज्ञानी गरजा सिंह ने गुरु की वाणी का गायन किया।
उन्होंने मती दास, सती दास, दयाल व गुरु तेग बहादुर की शहादत का इतिहास सुनाया। गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन दरबार सजाकर गुरु तेग बहादुर की वाणी का गायन कर उनकी वीरता का बखान किया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार गुरदयाल सिंह सोढ़ी ने गुरु की शहादत को नमन करते हुए संगत को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। महासचिव परमजीत सिंह ने बताया कि मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर का सर्वोच्च बलिदान सदैव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
कार्यक्रम में समिति के सदस्य तजेंद्र पाल सिंह, अमरीक सिंह, हरजीत सिंह, गुरमेल सिंह, अमरीक सिंह मान, मनजीत सिंह, हरगोविंद सिंह, मनोज कालड़ा, फतेहचंद नारंग मौजूद रहे।
फोटो 13- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में शहीदी दिवस पर आयोज