सोनीपत। ओलंपिक जितना नजदीक आता जा रहा है, खिलाड़ियों ने अपनी प्रैक्टिस को उतना ही बढ़ा दिया है। ओलंपिक में पदक के बड़े दावेदार पहलवान बजरंग पूनिया व विनेश फौगाट भी कोरोना के कारण प्रैक्टिस कम होने की कमी को अब पूरी करने में जुटे हैं। इन दोनों ने जहां अपनी प्रैक्टिस का थोड़ा समय बढ़ाया है, वहीं प्रैक्टिस की पूरी तकनीक ही बदल दी है। अब प्रैक्टिस में तेजी से लगाए जाने वाले दांव पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है तो ओलंपिक में जिन पहलवानों से उनकी भिड़ंत हो सकती है, उनकी तकनीक को देखकर प्रैक्टिस की जा रही है।
कोरोना महामारी के कारण पहलवानों की पिछले एक साल से प्रैक्टिस प्रभावित हो रही है। एक साल से नेशनल कैंप भी नहीं लगाया गया है और पहलवान खुद को केवल फिट करने के लिए प्रैक्टिस कर रहे थे तो कोई घर के पास ही अखाड़े में पहुंचकर प्रैक्टिस कर रहा था। अब ओलंपिक जिस तरह से नजदीक आ रहा है, उसको देखते हुए पहलवानों को पुरानी लय में आना होगा और उसके लिए ही पहलवान अब कोरोना तक के डर को पीछे छोड़कर पूरा ध्यान प्रैक्टिस पर लगा रहे हैं। पहलवानों में भी सबसे ज्यादा नजर बजरंग पूनिया व विनेश फौगाट पर टिकी है, क्योंकि दोनों को ओलंपिक में मेडल जीतने के लिए बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
जहां बजरंग रसिया में प्रैक्टिस कर रहा है, वहीं विनेश फौगाट ने पोलैंड में रैंकिंग सीरीज खत्म होने के बाद प्रैक्टिस शुरू कर दी है। बजरंग व विनेश 5-6 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं, लेकिन उसमें सबसे ज्यादा ध्यान तकनीक पर दिया जा रहा है। जहां पहले ऐसे दांव पर भी ध्यान दिया जाता था, जिनको लगाने के लिए ज्यादा समय लगता है और उनके लिए डिफेंस होकर खेलना होता है। वहीं अब तेज दांव पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है, जिनमें लैग अटैक, लैग डिफेंस शामिल है तो पहलवान अपना स्टेमिना बढ़ाने पर भी पूरा ध्यान दे रहे है।
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विश्व चैंपियन व ओलंपियन के साथ प्रैक्टिस कर रहे बजरंग
बजरंग पूनिया ने बताया कि ओलंपिक के लिए अब समय नहीं बचा है और उसको देखते हुए अब बीमारी व अन्य सभी डर निकालकर प्रैक्टिस करनी होगी। इसलिए ही प्रैक्टिस में खूब पसीना बहाया जा रहा है। वह कहते हैं कि इस समय वह विश्व चैंपियन व ओलंपियन पहलवानों के साथ प्रैक्टिस कर रहे है, क्योंकि विपक्षी पहलवान जितना तगड़ा होगा तो प्रैक्टिस भी उतनी ही अच्छी होगी। बजरंग को उम्मीद है कि वह देश के लिए ओलंपिक मेडल जरूर जीतकर लाएंगे।
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जिन पहलवानों से ओलंपिक में भिडे़गी, उनकी कमियां व अच्छे दांव भी देख रही विनेश
जहां विनेश फौगाट भी विश्व चैंपियनशिप व अन्य बड़ी चैंपियनशिप में खेल चुके पहलवानों संग प्रैक्टिस कर रही है। वहीं विनेश ने उन पहलवानों की वीडियो देखनी शुरू कर दी है, जिनसे ओलंपिक में उसकी भिड़ंत हो सकती है। जहां उनकी कमियां तलाश रही है, वहीं उनके अच्छे दांव भी देखे जा रहे है। जिससे उन दांव का तोड़ निकाला जा सके और उनको अपनी प्रैक्टिस में शामिल किया जा सके। इस तरह से पहलवान कोई भी कमी अपनी प्रैक्टिस में नहीं छोड़ना चाहते हैं।
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पहलवानों का लैग अटैक बेहतर होगा तो जीतने की ज्यादा उम्मीद
भारतीय टीम के चीफ कोच कुलदीप मलिक कहते हैं कि प्रैक्टिस को चाहे जितना भी ज्यादा समय किया जाए, जब तक उसमें कुछ नई तकनीक शामिल नहीं करते है तो उसका कोई फायदा नहीं है। पहले ही प्रैक्टिस काफी प्रभावित हो चुकी है, इसलिए अब तेज दांव पर ध्यान दिया जा रहा है। जिनमें लैग अटैक सबसे अहम है, क्योंकि पहलवान का लैग अटैक बेहतर होगा और वह सही समय पर उस दांव को लगाएगा तो उसके जीतने की उम्मीद ज्यादा होती है।