सोनीपत। प्रदेश सरकार से छह बार कायाकल्प अवार्ड पा चुके जिला नागरिक अस्पताल में व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन नर्सिंग अधिकारियों व सफाई कर्मियों में जानकारी का अभाव है। शुक्रवार को राज्य कायाकल्प टीम जिला अस्पताल पहुंची। यहां सघन निरीक्षण कर प्रत्येक पहलू पर रिपोर्ट तैयार की गई। झज्जर से पहुंची टीम ने कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का अंतिम रूप से आंकलन किया। इस दौरान गायनी वार्ड में तैनात नर्सिंग अधिकारी पीपीई किट पहनने व उतारने और बाल रोग वार्ड में सफाई कर्मी फर्श पर पोछा लगाने के लिए पानी में पाउडर की मात्रा मिलाने का तरीका तक नहीं बताए पाए।
निरीक्षण के दौरान टीम ने आपातकालीन कक्ष, प्रसूति विभाग, सर्जिकल व मेडिकल वार्ड, ऑपरेशन थियेटर में जाकर विभाग में तैनात कर्मचारियों व नर्सिंग अधिकारियों से जरूरी सवाल किए। इसके बाद कर्मचारी से लेकर नर्सिंग स्टाफ सवालों के सही से उत्तर तक नहीं दे पाया। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में छानबीन देर तक चली। बॉयो मेडिकल वेस्ट, मशीनों आदि के उपयोग के बारे में जानकारी ली गई। इसमें बायो मेडिकल वेस्ट के बारे में संबंधित कर्मचारी सही उत्तर नहीं दे पाए। इस पर टीम ने प्रबंधन को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
टीम के सदस्य टीम ने सफाई को लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से फर्श पर पोछा लगाने के बारे में जानकारी मांगी। प्रबंधन की तरफ से आधी-अधूरी जानकारी को टीम के सामने कर्मचारी नहीं दे पाया। फर्श पर पोछा लगाने के लिए कितनी मात्रा में पाउडर का मिलान व पानी की मात्रा को कर्मचारी नहीं बताया पाया। कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल का निरीक्षण किया जाता है। इसमें 70 फीसदी से ज्यादा अंक पाने के बाद कायाकल्प अवार्ड दिया जाता है। चेक लिस्ट में दर्शाए गए बिंदुओं पर व्यवस्था सही पाए जाने पर अस्पताल को 70 फीसदी अंक प्राप्त होंगे।
झज्जर से आई दो सदस्यीय कायाकल्प टीम ने अस्पताल में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जांच की। टीम ने जहां कमी मिली है, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। नर्सिंग अधिकारियों व कर्मचारियों को सही जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डॉ. गिन्नी लांबा, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल