कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए 100 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। अब हरियाणा विधानसभा में 10 मार्च को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव में विधायकों पर सरकार के खिलाफ वोट करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए उस क्षेत्र के किसान नेता व अन्य लोगों के सहारे दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
बंगाल में हर विधानसभा तक जाएंगे किसान नेता, ड्यूटी तय की जाएगी
जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, उनमें राजनीतिक पार्टियों के साथ ही किसान नेता भी सबसे अहम बंगाल को मान रहे है। इसलिए ही बंगाल की हर विधानसभा तक जाकर भाजपा व सहयोगी दलों का विरोध करने की योजना तैयार हो चुकी है। इसके लिए मंजीत सिंह राय, अभिमन्यु कोहाड़, राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल समेत अन्य कई किसान नेताओं के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। वहीं अन्य किसान नेताओं की ड्यूटी लगाने के लिए 9 मार्च को बैठक की जाएगी और उसमें बंगाल को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
विधानसभा में सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए सभी विधायकों से कहा जा रहा है। अब उनको तय करना है कि वह सरकार के खिलाफ जाएंगे या किसान व आम जनता के खिलाफ जाएंगे। उनको यह जरूर कहा जा रहा है कि वह किसान व आम जनता के खिलाफ जाएंगे तो उनको जनता आगे सबक जरूर सिखाएगी। - दर्शनपाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा