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Sonipat News: अब हवा की गुणवत्ता पर रहेगी नजर, तीन नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

Tue, 23 Jun 2026 05:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :: सोनीपत के मुरथल में लगाया गया एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और हवा की गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए जिले में तीन नए कंटीन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएक्यूएमएस) स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल जिले में केवल एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन डीसीआरयूएसटी, मुरथल में संचालित है।
नए स्टेशन शुरू होने के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता की रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी।कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने नगर निगम और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति का आकलन किया।
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अधिकारियों ने बताया कि ग्रिड आधारित सर्वेक्षण के बाद संभावित स्थानों की पहचान कर प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। स्टेशन स्थापित होने के बाद प्रदूषण के स्तर में होने वाले बदलावों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

रेवली में बनेगा 9 करोड़ का सीएंडडी वेस्ट प्लांट
निर्माण और ध्वस्तीकरण (सीएंडडी) कचरे से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने व्यापक योजना तैयार की है। गांव रेवली में करीब 40 टन प्रतिदिन क्षमता वाला सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा शहर में सीएंडडी कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चार सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट भी विकसित किए जा चुके हैं।

सड़कों से धूल हटाने को बढ़ेगी मशीनों की संख्या
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम पहले से पांच मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें संचालित कर रहा है। इसके अतिरिक्त नई मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एंटी-स्मॉग गन सहित अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे।

प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के लिए मिली 9.97 करोड़ की मंजूरी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने गैप फंडिंग योजना के तहत नगर निगम को 9.97 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, एंटी-स्मॉग गन और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपकरण खरीदे जाएंगे। इसमें से 4.5 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है, जबकि शेष 5.4 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी भी मिल गई है।
फुटपाथ और आरओडब्ल्यू ट्रीटमेंट कार्यों में तेजी के निर्देश
एसएमडीए ने सेक्टर-11/12, 15/16, 6/7 और 7/8 में सीएक्यूएम मानकों के अनुरूप चल रहे फुटपाथ निर्माण और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) ट्रीटमेंट कार्यों की समीक्षा भी की। कार्यों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाए जाने पर निर्माण एजेंसियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसवीपी, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट अपडेट करने को कहा गया है।

इन स्थानों में से चुने जाएंगे तीन केंद्र
नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के लिए जिन संभावित स्थानों पर विचार किया जा रहा है, उनमें जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी क्षेत्र, एजुकेशन सिटी स्थित आईआईटी एक्सटेंशन कैंपस, चौहान जोशी साई केंद्र, सेक्टर-23 स्थित ट्रीटमेंट प्लांट, सेक्टर-12 नगर निगम उपकार्यालय, गोहाना लघु सचिवालय और नगर परिषद कार्यालय शामिल हैं। इनमें से तीन स्थानों का अंतिम चयन किया जाएगा।
वर्जन

-प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीएंडडी वेस्ट प्लांट, सड़कों की मैकेनिकल सफाई और मॉनिटरिंग नेटवर्क को मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। तीन नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। -अजय मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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वर्जन
नए मॉनिटरिंग स्टेशनों के लिए छह से सात संभावित स्थानों की सूची तैयार की गई है। इनमें से तीन स्थानों का चयन कर जल्द स्थापना कार्य शुरू किया जाएगा। -अमित कुमार, जेई एवं नोडल अधिकारी
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